संभल में 100 करोड़ की ग्रामसभा जमीन हड़पने का मामला:पूर्व ईओ, पूर्व चेयरमैन समेत 32 नामजद व अज्ञात पर FIR


संभल में ग्राम सभा की 100 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने के आरोप में 32 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता, रिटायर्ड मानचित्रक शहाबुद्दीन, वर्तमान पैरोकार मजीद खान, चकबंदी उपसंचालक खेम सिंह खड़क, पूर्व चेयरमैन नुसरत इलाही के दामाद, पांच भतीजे और बसपा नेता साजिद सैफी के तीन बेटों सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। यह मामला थाना रायसत्ती क्षेत्र के संभल-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम तख्तगुशाईन की ग्राम सभा की 6 किता जमीन से जुड़ा है। इसका कुल रकबा 2.367 हेक्टेयर है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये आंका गया है। लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने सोमवार रात करीब 10 बजे संभल कोतवाली पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, मियां सराय, संभल निवासी सईदुल रहमान ने नगर पालिका परिषद, संभल द्वारा कथित रूप से जारी एक फर्जी पट्टा अभिलेख (दिनांक 12 जुलाई 1967) के आधार पर उपसंचालक चकबंदी से 15 फरवरी 2008 को नामांतरण आदेश पारित करा लिया था। इसके बाद उन्होंने ग्राम सभा की इस संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। उपसंचालक चकबंदी के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका (संख्या बी-20341/2008) दायर की गई थी। आरोप है कि तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने विपक्षियों से मिलीभगत कर निजी स्वार्थवश इस याचिका को ‘नोट प्रेस’ करा दिया। उपसंचालक खेम सिंह खड़क भी इस कथित कूटनीतिक षडयंत्र में शामिल थे, जिससे करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति भू-माफियाओं के हवाले कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में नगर पालिका में कार्यरत तत्कालीन मानचित्रक शाहबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान की संलिप्तता भी सामने आई है। जांच में पाया गया कि इन्होंने अधिशासी अधिकारी के समक्ष वास्तविक तथ्यों को प्रस्तुत नहीं किया था। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रामपाल सिंह और डिप्टी कलेक्टर रमेशबाबू ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने हाल ही में तहसील और नगर पालिका परिषद संभल प्रशासन के साथ इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यह कार्रवाई उसी निरीक्षण के बाद हुई है।

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