संतकबीर नगर में हिस्ट्रीशीटरों को मिलेगा यूनिक HS नंबर:यक्ष एप पर एक क्लिक में खुलेगा पूरा रिकॉर्ड; निगरानी होगी आसान


पुलिस विभाग ने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन को और व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब ‘यक्ष’ एप पर दर्ज प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर को एक विशिष्ट हिस्ट्रीशीटर यानी HS नंबर दिया जाएगा। इस यूनिक नंबर के जरिए पुलिसकर्मी एक क्लिक में संबंधित हिस्ट्रीशीटर का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे निगरानी, सत्यापन और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज होगी। एडीजी अपराध ए. सतीश गणेश ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। ‘यक्ष’ एप पर पहले से ही जनपदवार हिस्ट्रीशीटरों का डेटा उपलब्ध है। अब रिकॉर्ड को एक समान प्रारूप में व्यवस्थित करने के लिए प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर की अलग पहचान तय की जाएगी। एसपी संदीप कुमार मीना के मुताबिक, यूनिक HS नंबर में जिले, थाने, क्रमांक और हिस्ट्रीशीटर की श्रेणी की जानकारी शामिल होगी। नई व्यवस्था के साथ पुलिस ‘यक्ष’ एप पर अपराधियों का डेटा भी अपडेट करेगी। इसके लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान 21 अपराध श्रेणियों से जुड़े अपराधियों के महत्वपूर्ण विवरणों की शत-प्रतिशत फीडिंग कराई जाएगी। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों की स्कोरिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाना और निगरानी के लिए उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना है। जिले-थाने के कोड से बनेगा यूनिक HS नंबर एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि यूनिक हिस्ट्रीशीटर नंबर जनपद कोड, थाना कोड, क्रमांक और श्रेणी के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसमें जिले के नाम के तीन अक्षरों का कोड, थाने के नाम के तीन अक्षरों का कोड, संबंधित थाने के हिस्ट्रीशीटर का तीन अंकों का क्रमांक और श्रेणी के अनुसार ‘A’ या ‘B’ दर्ज होगी। लखनऊ के हिस्ट्रीशीटर का नंबर होगा LKO-GOM-001-A नई व्यवस्था को उदाहरण से समझें तो लखनऊ के गोमतीनगर थाने के ‘A’ श्रेणी के पहले हिस्ट्रीशीटर का यूनिक नंबर LKO-GOM-001-A होगा। भविष्य में किसी थाने में नया हिस्ट्रीशीटर दर्ज होने पर भी इसी प्रारूप के अनुसार उसे यूनिक नंबर दिया जाएगा। इससे अलग-अलग जिलों और थानों के रिकॉर्ड की पहचान करना आसान होगा। यक्ष एप पर एक क्लिक में मिलेगा पूरा रिकॉर्ड यूनिक HS नंबर दर्ज होने के बाद पुलिसकर्मी संबंधित हिस्ट्रीशीटर की जानकारी आसानी से देख सकेंगे। इससे निगरानी, सत्यापन, रिपोर्टिंग और डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी। यक्ष एप पर नंबर दर्ज करने के लिए संबंधित हिस्ट्रीशीटर के नाम पर क्लिक करना होगा। इसके बाद ऊपर दाईं ओर दिए गए ‘अपडेट स्टेटस’ विकल्प में जाकर ‘HS नंबर’ में यूनिक नंबर फीड किया जाएगा। ASP और CO को दी गई जिम्मेदारी यूनिक नंबर की व्यवस्था को त्रुटिरहित तरीके से लागू कराने की जिम्मेदारी एएसपी और सभी क्षेत्राधिकारियों को दी गई है। वहीं, डीसीआरबी के माध्यम से यूनिक HS नंबर की फीडिंग की निगरानी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एक समान डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उनके सत्यापन में आसानी होगी। 3 दिन चलेगा विशेष अभियान, 21 श्रेणियों का डेटा होगा अपडेट एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि यक्ष एप पर अपराधियों की स्कोरिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 21 अपराध श्रेणियों से जुड़े अपराधियों के महत्वपूर्ण विवरणों की शत-प्रतिशत फीडिंग कराई जाएगी। पुलिस का लक्ष्य डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट कर अपराधियों की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और डेटा आधारित बनाना है।

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