संडे प्रोफाइल : टकर कार्लसन:कभी ट्रम्प के समर्थक थे, अब रखा तीसरी पार्टी का विचार


अमेरिका की दक्षिणपंथी राजनीति की प्रभावशाली आवाज टकर कार्लसन फिर चर्चा में हैं। कभी उनकी लोकप्रियता फिल्मी सितारों जैसी थी। अब वे राष्ट्रपति ट्रम्प से मतभेद और नई राजनीतिक पार्टी के विचार को लेकर सुर्खियों में हैं। कार्लसन लंबे समय से अमेरिकी राजनीति और मीडिया की सबसे प्रभावशाली दक्षिणपंथी आवाजों में गिने जाते हैं। इमिग्रेशन विरोध, श्वेत पहचान और राष्ट्रवादी मुद्दों पर उनके आक्रामक विचारों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। वे वर्षों तक रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रबल समर्थक रहे, लेकिन हाल के महीनों में दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। कार्लसन ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि ट्रम्प ने अपने चुनावी वादों के विपरीत कदम उठाया है। उन्होंने अपने पॉडकास्ट पर यह स्वीकार भी किया कि ट्रम्प को लेकर उन्होंने लोगों को गुमराह किया था। इसी दौरान उन्होंने अमेरिका में तीसरी राजनीतिक पार्टी बनाने का विचार सामने रखकर हलचल पैदा कर दी। वे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के प्रयासों पर भी सवाल उठा चुके हैं। ट्रम्प द्वारा अल्लाह शब्द के इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर खुद को ईसा मसीह जैसी छवि में प्रस्तुत करने की भी उन्होंने आलोचना की। गौरतलब है कि अमेरिका में मुख्य रूप से दो-दलीय राजनीतिक व्यवस्था (टू-पार्टी सिस्टम) है, जिसमें डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहता है।
58 वर्षीय कार्लसन को पत्रकारिता विरासत में मिली। उनके पिता रिचर्ड वार्नर कार्लसन मीडिया जगत से जुड़े रहे। इतिहास में स्नातक करने के बाद टकर ने पत्रिकाओं और अखबारों में काम किया तथा 1995 में पीबीएस से टीवी करियर की शुरुआत की। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान 2016 से 2023 के बीच फॉक्स न्यूज के शो ‘टकर कार्लसन टुनाइट’ से मिली। यह शो औसतन करीब 30 लाख दर्शकों तक पहुंचता था और कार्लसन अमेरिकी कंजरवेटिव राजनीति की सबसे प्रभावशाली आवाजों में शामिल हो गए थे। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि उनके नाम वाली टी-शर्ट और मग की बिक्री कई बार ट्रम्प से जुड़े उत्पादों से भी अधिक बताई गई। रिपब्लिकन रणनीतिकार जेफ रो के मुताबिक 2020-21 के दौरान कंजरवेटिव राजनीति में कार्लसन जैसा प्रभाव रखने वाला शायद ही कोई दूसरा व्यक्ति था।
हालांकि उनकी पहचान विवादों से भी जुड़ी रही। उन्होंने इमिग्रेशन, नस्ल और पहचान की राजनीति पर कई तीखी टिप्पणियां कीं। वे बार-बार यह दावा करते रहे कि अमेरिका का अभिजात वर्ग श्वेत ईसाई मतदाताओं की जगह नए प्रवासी मतदाताओं को स्थापित करना चाहता है। इन विवादों के चलते डिज्नी और लेक्सस जैसी कंपनियों ने उनके शो से विज्ञापन हटा लिए थे। 2023 में फॉक्स न्यूज से अलग होने के बाद उन्होंने अपना स्ट्रीमिंग मंच ‘टकर कार्लसन नेटवर्क’ शुरू किया। आज भी वे अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति की सबसे चर्चित और विवादास्पद आवाजों में शामिल हैं।

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