शिर्डी में साईं ट्रस्ट 200 किलो गैस रोज बचा रहा:सोलर सिस्टम से रोज बन रहा 40 हजार श्रद्धालुओं का खाना, सरकार ने सम्मानित किया


ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे समय में शिर्डी स्थित श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट का सोलर कुकिंग सिस्टम एक मिसाल बन गया है। सौर ऊर्जा से चलने वाले इस सिस्टम से रोज हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन पकाया जा रहा है। इस सोलर सिस्टम से हर दिन करीब 2,000 किलो खाना बनाया जाता है, जो लगभग 40 हजार श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त होता है। इससे रोजाना करीब 200 किलो गैस की बचत भी हो रही है। इस अनोखी पहल को देखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी ने भी इस प्रोजेक्ट को देश के एक यूनिक मॉडल के रूप में सम्मानित किया है। शिर्डी में रोज औसतन 75 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। साईं संस्थान के प्रसादालय में श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन दिया जाता है और लगभग 40 हजार लोग हर दिन इसका लाभ लेते हैं। पहले इतनी बड़ी मात्रा में खाना बनाने के लिए करीब 1,700 किलो गैस खर्च होती थी, जिससे संस्थान पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता था। 2009 में सोलर कुकिंग सिस्टम शुरू हुआ ऊर्जा बचत और बढ़ते खर्च को देखते हुए संस्थान के ट्रस्टी मंडल ने जुलाई 2009 में सोलर कुकिंग सिस्टम लगाने का फैसला किया। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1 करोड़ 37 लाख रुपए खर्च हुए और प्रसादालय परिसर में 73 सोलर डिश लगाई गईं, जिनकी मदद से सोलर कुकर में भोजन तैयार किया जाता है। इस व्यवस्था से न सिर्फ ऊर्जा की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है। इसके अलावा साईं संस्थान ने सौर ऊर्जा से श्रद्धालुओं के लिए गर्म पानी की सुविधा भी शुरू की है, जिससे नए श्रद्धालु निवास, द्वारावती और साईं आश्रम जैसी जगहों पर रोज 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी मिल रहा है। 10 क्विंटल दाल सब्जी,15 क्विंटल चावल रोज पक रहा प्रसादालय में 150 लीटर क्षमता के 10 बड़े कुकर लगाए गए हैं। इस प्रणाली द्वारा एक समय में 15 क्विंटल चावल, 5 क्विंटल दाल और 5 क्विंटल सब्जी पकाई जा सकती है। 2009 से 2026 तक की अवधि में इस प्रणाली के कारण दो लाख किलो से अधिक गैस की बचत हुई है। संस्थान की दो करोड़ रु. से ज्यादा की आर्थिक बचत हुई है।

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