शिक्षक दंपती मर्डर केस, हिरासत में 12 संदिग्ध:सुलतानपुर में पट्टीदारों से भी पुलिस कर रही पूछताछ, स्कूल के पास जमीन को लेकर पट्टीदारों से था विवाद


सुल्तानपुर में शिक्षक दंपती मर्डर केस में लगभग एक दर्जन संदिग्ध पुलिस हिरासत में लिए गए हैं। मृतकों के पट्टीदारों को भी पुलिस ने उठाया है। इन्वेस्टीगेशन में अब भी रंजिश के एंगल को जोड़कर देखा जा रहा है। मृतक के स्कूल में बीते दिनों कोचिंग चलाने वाले एक शिक्षक को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर मृतक मुकेश सिंह की मौत का कारण डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक के कारण कार्डियक अरेस्ट बताया। साथ ही हत्या में कठोर धारदार हथियार का इस्तेमाल हुआ जिससे शरीर पर कुल 10 चोटों के निशान दर्ज हुए। जिनमें माथे, नाक की नोक, दोनों कानों, गर्दन के आगे व पार्श्व भाग पर गंभीर कटे हुए घाव तथा सीने व हाथों पर रगड़ के निशान शामिल हैं। गले पर हमला इतना तेज था कि श्वास नली क्षतिग्रस्त पाई गई। वहीं उनकी पत्नी विनीता की के शरीर, विशेष रूप से सिर, चेहरे और गर्दन पर कुल 12 गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। ​चिकित्सकों के अनुसार मृतका पर किसी भारी एवं तेज धारदार हथियार से हमला किया गया है। बाएं पैरिटल रीजन और माथे पर कई कट तथा खोपड़ी की हड्डी टूटने के निशान मिले हैं। चेहरे के बाएं तरफ जबड़े की हड्डी टूट गई है तथा मांसपेशियां फट गई हैं। गर्दन के निचले और सामने के हिस्से में कई जगहों पर गहरे कट और घसीट के निशान मौजूद हैं। ​डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि अंतःकालीन चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव और आघात से कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे महिला की मृत्यु हुई। सूत्रो की मानें तो मुकेश की अपने जिस निजी स्कूल में हत्या हुई उसके अगल-बगल पट्टीदारों की जमीन है। जिनसे हाल के दिनों में विवाद गहरा गया था। बता दें कि गांव के ही दबंग पट्टीदार फ़ौजदार सिंह आदि ने मृतक मुकेश के चाचा पूर्व प्रधान राम जन्म सिंह पर दो दशक पूर्व जानलेवा हमला किया था। उसमें वो दोषी ठहराया गया। सूत्रो के अनुसार पैरोल पर बाहर आने के बाद वो लापता हो गया। अब इस पहलू पर भी गहनता से जांच चल रही है। 20 साल ही कर सके नौकरी 53 वर्षीय मुकेश सिंह ने साल 2006 में शिक्षा मित्र पद से ज्वाइनिंग ली थी। उनकी पोस्टिंग अमेठी के जामो में हुई थी। 2009 में वे सहायक अध्यापक बने और 2013 से लगातार मोतिगरपुर में शिक्षक संघ अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2002 में मनराजी शिक्षण संस्थान गांव में खोला था। शिक्षक के पिता थे तीन भाई मुकेश के पिता तीन भाई थे। सबसे बड़े डॉ राम विनय सिंह यूपी कॉलेज वाराणसी में प्रोफेसर रहे। उनके दो बेटों में बड़ा बेटा ट्रेन से उतरते समय स्लिप करने में हादसे का शिकार हुआ और फिर जान से हाथ धो बैठा। उन्होंने बहू की शादी छोटे बेटे से कराया। और उसी के साथ वो वाराणसी में निवास करते हैं।
उनके बाद मुकेश के पिता राम वदन सिंह ठेकेदार थे और किसानी भी करते थे। उनके तीन बेटे और दो बेटियां थी। बड़े बेटे अवधेश सिंह पीजी कॉलेज गाजीपुर में शिक्षक हैं, उसके बाद अखिलेश सिंह लखनऊ कॉपरेटिव बैंक में तैनात हैं। दो बेटियों में बड़ी सीमा सिंह की शादी जामो में और छोटी अंजु सिंह की शादी शुकुल बाजार में हुई है।
सबसे छोटे भाई पूर्व प्रधान राम जन्म सिंह के कोई बेटा नहीं है, सिर्फ बेटियां ही हैं। उनकी देखरेख अक्सर बड़े भाई के बेटे ही करते हैं। वहीं मुकेश के बड़े भाई के दो और मझले भाई के एक बेटा है। इकलौते बेटे को रंजिश के चलते गांव में नहीं रखा मुकेश की पत्नी विनीता का मायका अम्बेडकर नगर में है। उनके भाई अच्छी पोस्टों पर हैं। बताया जा रहा है गांव में रंजिश को देखते हुए मुकेश ने इकलौते बेटे अभ्युदय की शुरुआती शिक्षा शहर में हुई। और अब वो दिल्ली में पढ़ाई कर रहा है। डर के कारण उसे गांव आना अच्छा नहीं लगता था इसलिए माता-पिता उससे मिलने समय-समय पर दिल्ली जाते थे। तीन दिन पूर्व हुई थी हत्या
कादीपुर के कुंभी डडिया गांव में मंगलवार सुबह सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह का लहूलुहान हालत में शव उनके निजी स्कूल में मिला था। मृतक के भाई अखिलेश सिंह ने पुलिस में अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। बीती शाम एसपी ने दोबारा घटनास्थल का किया निरीक्षण
उच्च अधिकारियों ने सफल अनावरण के लिए क्राइम ब्रांच समेत 5 टीमें लगाई हैं। बुधवार शाम को भी एसपी विनीत जायसवाल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का दूसरी बार निरीक्षण किया। काफी लंबे से समय तक उन्होंने क्राइम सीन को देखा। फिर मातहतो के साथ कई घंटे उन्होंने मीटिंग ली।

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