मथुरा में प्रेमानंद महाराज के साधकों के ड्रेस कोड बदले:कुर्ता पजामा पहनेंगे, एक साधक की मौत के बाद दर्शन और दीक्षा भी बंद


मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज में साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद कई बदलाव नजर आ रहे हैं। आश्रम से जुड़े साधक-साधिकाओं की वेशभूषा में बदली गई है। सफेद कपड़े पहनने वाले साधक अब इस पहनावे में नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, पीला अचला पहनने वाले अधिकांश साधकों ने भी अचला पहनना बंद कर दिया है। आश्रम प्रबंधन की ओर से अभी ड्रेस कोड में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, आश्रम से जुड़ा एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें पूज्य महाराज की आज्ञा का हवाला देते हुए साधकों को नई वेशभूषा में आने के लिए कहा गया है। मैसेज हो रहा वायरल संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज में ड्रेस कोड को लेकर हुए बदलाव को लेकर आश्रम या उससे जुड़े लोगों ने किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी। लेकिन एक मैसेज वायरल हो रहा है। जिसमें लिखा है “सभी गृहस्थ साधकों से निवेदन है कि पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार वाणी पथ के समय से ही अपनी वेशभूषा में परिवर्तन कर लें। वाणी पथ से ही राधा केली कुंज में केवल कुर्ता पजामा अथवा किसी भी रंग की धोती पहनकर ही आएं। कृपया कोई भी साधक अचला – मार्किन पहनकर राधा केली कुंज में न आएं”। यह भी लिखा है मैसेज में वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है कुर्ता पजामा के साथ लाइन वाला अंगोछा धारण कर सकते हैं,लेकिन अचला न पहनें। साथ ही जटाएं अथवा बढ़ी हुई दाढ़ी न रखें। बाल एवं दाढ़ी को समय समय पर व्यवस्थित करवा कर रखें। बच्चों को भी साधारण और मर्यादित वस्त्र ही धारण करवाएं। सभी के लिए पूज्य महाराज श्री की आज्ञा का पालन करना अनिवार्य है। श्री हरिवंश दीक्षा और दर्शन बंद ड्रेस कोड में हुए बदलाव से पहले संत प्रेमानंद महाराज ने दर्शन और दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई। यह निर्णय भी साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद लिया गया। यह दीक्षा और दर्शन कब तक बंद रहेंगे इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस निर्णय को लेकर भी लेकर आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन आश्रम में पहनावे को लेकर हुए बदलाव के बाद केली कुंज के आसपास घूमते साधक बदले गए पहनावे में ही नजर आए। पुलिस ने की पूछताछ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में सीओ वृंदावन संदीप सिंह कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार और पुलिस टीम के साथ केली कुंज आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की। वह आश्रम में करीब आधा घंटे से ज्यादा समय तक रहे। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि अभी तक 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई है,मामले में जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी शरण ने आत्महत्या क्यों की,उन्होंने खुद अपने प्राइवेट पार्ट को क्यों काटा।

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