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मुजफ्फरनगर में मंगलवार शाम को पुरकाजी थाना क्षेत्र के मांडला गांव के शाकर हत्याकांड में विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने उसकी पत्नी आसिया और देवर सुहैल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। दोनों जून 2023 से जेल में बंद हैं। प्रेम संबंधों का विरोध करने पर हत्या की साजिश अभियोजन पक्ष के अनुसार, आसिया और सुहैल के बीच प्रेम संबंध थे। शाकर को इसकी जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप था कि आसिया और सुहैल ने शाकर की हत्या की साजिश रची और रात में सोते समय चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को निर्माणाधीन मकान के शौचालय के गड्ढे में छिपा दिया। नौ दिन बाद बरामद हुआ था शव यह मामला जून 2023 का है। पुलिस ने जांच के दौरान 15 जून 2023 को आसिया और सुहैल की निशानदेही पर शव बरामद किया था। इस दौरान मृतक का बड़ा भाई शोएब भी मौजूद था। शव मिलने के बाद शाकर के पिता फरीद ने दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। 11 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया। विशेष न्यायालय के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार तालियान ने 1 अक्टूबर को आसिया और सुहैल को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
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शाकर हत्याकांड में पत्नी और देवर को उम्रकैद:अफेयर का विरोध करने पर गला घोंटकर मारा था, गड्ढे में छिपाया था शव