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मथुरा के वृंदावन में हुए नाव हादसे में लापता लोगों की तलाश में रविवार को तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। अब तक 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। रविवार सुबह एक युवक का शव बरामद हुआ है। 4 लोग अभी भी लापता हैं। आर्मी समेत 200 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। जांच का दायरा 14 से बढ़ाकर 20 किमी. कर दिया गया है। इससे पहले शनिवार को एक शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। हादसे के 6 घंटे बाद यानी शुक्रवार रात 9 बजे उसे हिरासत में लिया गया था। उसी ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। हादसे के बाद वह फरार हो गया था। हादसा शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। मृतकों में मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं। जिस जगह हादसा हुआ, वहां 25 फीट गहरा पानी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नाव की क्षमता 40 श्रद्धालुओं की थी। किसी भी श्रद्धालु को नाविक ने लाइफ जैकेट नहीं दी थी। पांटून पुल की रिपेयरिंग कर रहे लोगों और अन्य नाविकों ने कुछ लोगों को बचाया। बाद में प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू शुरू किया। वहीं, हादसे से जुड़े 2 वीडियो सामने आए हैं। पहला- नाव डूबने से 15 मिनट पहले का है। इसमें लोग राधे-राधे का जप कर रहे हैं। दूसरा- श्रद्धालुओं के नदी में डूबने का है। रेस्क्यू की तस्वीरें देखिए- अब पढ़िए, कैसे हुआ हादसा? हादसे में जिंदा बचे युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। तेज हवा के कारण नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पीपा पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।
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वृंदावन हादसे का तीसरा दिन…12 की मौत, 4 लापता:200 लोगों की टीम यमुना में सर्च ऑपरेशन चला रही, जांच का दायरा बढ़ाकर 20 किमी किया