विनेश फोगाट की ट्रायल प्रक्रिया आज:दिल्ली के स्टेडियम पहुंचीं; मैट से VIDEO आई सामने, छावनी में तब्दील किया क्षेत्र


देश की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट आज शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए आयोजित हो रहे महत्वपूर्ण सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। यह बड़ा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को दी गई उस ऐतिहासिक राहत के बाद सामने आया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विनेश को इस चयन प्रक्रिया में उतरने की विशेष अनुमति दी थी। स्टेडियम पहुंचीं विनेश, चेहरे पर दिखा पूरा फोकस आयोजन स्थल यानी इंदिरा गांधी स्टेडियम से विनेश फोगाट की जो तस्वीरें और विजुअल्स सामने आ रहे हैं, उनमें वे मैट पर उतरने से पहले अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके चेहरे पर इस बड़े मुकाबले को लेकर बेहद गंभीरता और पूरा फोकस साफ नजर आ रहा है। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे हालिया विवादों और इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे स्टेडियम और ट्रायल एरिया के आसपास दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से ट्रायल्स संपन्न कराए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट का संदेश- कंट्री फर्स्ट’, विनेश के करियर के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट की खेल उपलब्धियों और देश के प्रति उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें ट्रायल्स में शामिल होने की इजाजत दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस दौरान ‘कंट्री फर्स्ट’ (देश सबसे पहले) का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि विनेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, इसलिए उन्हें यह मौका मिलना चाहिए, लेकिन हमेशा देश का हित सर्वोपरि होना चाहिए। आज होने वाले ये ट्रायल्स विनेश के करियर के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे, क्योंकि यहाँ जीत दर्ज करते ही वे आगामी एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी दावेदारी पक्की कर लेंगी। हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता विनेश फोगाट को इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने की विशेष छूट देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने खेल महासंघों के तकनीकी और आंतरिक चयन मामलों में अदालतों के बढ़ते दखल पर गहरी चिंता भी जताई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट लहजे में कहा था कि खेल के मामले किसी मेडिकल कॉलेज के एडमिशन की तरह नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाएं हैं, जिनमें महासंघों की चयन प्रक्रिया का एक तय शेड्यूल होता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी इसलिए की ताकि भविष्य में अदालती फैसलों की वजह से खेल के तय नियम और चयन प्रक्रियाएं बाधित न हों, लेकिन विनेश की साख और देश के लिए उनके पदकों को देखते हुए उन्हें इस बार ट्रायल्स में उतरने की अनुमति प्रदान की गई।

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