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वाराणसी के जिला सत्र न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को राहत दे दी। साक्ष्य के अभाव में पुलिस उसके खिलाफ मजबूत पर्चा नहीं पेश कर सकी, वहीं अभियोजन की दलील भी फीकी रही। शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के पूरा गणेश, टांडा कला, थाना बलुआ (चंदौली) निवासी आरोपी प्रभात निषाद की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उसे एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता नदीम अहमद ख़ान और मनोज कुमार सिंह ने रखा। आरोपी के खिलाफ थाना भेलूपुर में धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्रभात निषाद ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में वह अपने वादे से मुकर गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता नदीम अहमद ख़ान और मनोज कुमार सिंह ने तर्क दिया कि दोनों के बीच के संबंध आपसी सहमति पर आधारित थे और प्राथमिकी दर्ज कराने में हुई अत्यधिक देरी मामले को संदिग्ध बनाती है। यह भी दलील दी गई कि आरोपी 2 मार्च 2026 से जेल में निरुद्ध है और उसके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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वाराणसी कोर्ट से दुष्कर्म के आरेापी को जमानत:शादी का झांसा देकर किशोरी को बनाया था शिकार, साक्ष्य के अभाव में मंजूर हुई अर्जी