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इटावा में विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट ने नौ साल पुराने लूट के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए मंगलवार को आरोपी संजीव को दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी पाए जाने पर उसे दो साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कौशलेंद्र तोमर ने बताया कि सहायल रोड, दिबियापुर निवासी रूपेंद्र शर्मा 27 मार्च 2017 को अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान इकदिल नहर पुल के पास बाइक सवार लोगों ने उन्हें रोक लिया और उनके पास से नकदी और मोबाइल लूट लिया था। घटना के बाद पीड़ित की ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की थी मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने लूट की घटना की छानबीन शुरू कर दी थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने संजीव पुत्र विश्राम सिंह निवासी चकरपुर, बिधूना को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से लूटा गया मोबाइल बरामद किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल पुलिस ने मामले की छानबीन पूरी करने के बाद आरोपी संजीव के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर संजीव को लूट के मामले में दोषी पाया। दोषी को दो साल की सजा अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कौशलेंद्र तोमर ने बताया कि कोर्ट ने संजीव को दोषी पाए जाने के बाद दो साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस तरह नौ साल पुराने लूट के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा से दंडित किया।
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लूट के 9 साल पुराने मामले में दोषी को सजा:इटावा में संजीव को 2 साल की जेल, 1000 रुपये का जुर्माना भी लगा