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लखनऊ यूनिवर्सिटी (LU) ने तीन छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड, प्रॉक्टर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर की सिफारिश पर विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया। अनुशासनहीनता के मामले में निष्कासन के खिलाफ छात्र 2 जून से धरने पर बैठे थे। 56 दिन चले धरने के बाद विश्वविद्यालय ने छात्रों के भविष्य और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए निष्कासन वापस लेने का निर्णय लिया।
चार अगस्त को जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद जारी आदेश में विश्वविद्यालय ने एमए हिंदी के छात्र प्रेम प्रकाश यादव, शशि प्रकाश उर्फ प्रिंस प्रकाश और तीन वर्षीय एलएलबी के छात्र हर्षित शुक्ला का निष्कासन वापस लेने की जानकारी दी। आदेश में कहा गया कि छात्रों के भविष्य और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शपथ पत्र और नियमों का पालन करना होगा विश्वविद्यालय ने निष्कासन वापस लेने के फैसले को कुछ शर्तों के अधीन रखा है। छात्रों को 100 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देना होगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के नियमों और अध्यादेशों का पालन करने का लिखित आश्वासन भी देना होगा। छात्र शशि प्रकाश उर्फ प्रिंस प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय के फैसले का स्वागत करते हैं। 56 दिन के धरने के बाद आखिरकार उनकी मांग पर फैसला हुआ है। अब राहत है कि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। विश्वविद्यालय के आदेश के मुताबिक यह फैसला कुलपति के निर्देशों के बाद किया गया है। इसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों और जांच समिति की सिफारिशों को भी ध्यान में रखा गया है।
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लखनऊ यूनिवर्सिटी के 3 छात्रों का निष्कासन वापस:56 दिन के धरने के बाद विश्वविद्यालय का फैसला, कुलपति के निर्देश पर एक्शन