लखनऊ मेयर ने सौंपा पार्षदों के समर्थन का पत्र:उपाध्यक्ष बनाने पर पार्टी ने मांगा था जवाब,विरोधी गुट में शामिल होने वालों की शिकायत


लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल ने पार्षदों के समर्थन वाले पत्र भाजपा संगठन और मंत्रियों को सौंपे हैं। इसमें मेयर के कैंप कार्यालय पर पार्षदों की परेड कर समर्थन देने वालों के सिग्नेचर हैं। दरअसल, नगर निगम के उपाध्यक्ष पद पर मेयर ने भाजपा संगठन से सलाह नहीं ली। इस पद पर अपने करीबी सुशील कुमार तिवारी(पम्मी) का नाम घोषित कर दिया था। इसके बाद महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं की सहमति के बाद मेयर को कारण बताओ नोटिस भेजा था। इस नोटिस पर मेयर ने जवाब दिया है। भेजे गए पत्र में कह गया कि पार्टी के 60 से अधिक पार्षद उनके समर्थन में हैं। ऐसे में सभी के निर्णय से उन्होंने फैसला लिया है। इसमें जरूरत के हिसाब से क्षेत्रों में विकास कार्य कराने और बिना पक्षपात पूर्व रवैया अपनाए काम करने की बात भी शामिल है। 14 पार्षदों की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह तक भी मामले को पहुंचाया गया है। इसमें 14 पार्षदों के शिकायत की बात सामने आ रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि ये पार्षद नगर निगम, मेयर, भाजपा की छवि धूमिल कर रहे हैं। इसमें इन पार्षदों के वार्डों में किए गए काम की जानकारी भी दी गई है। फिलहाल जिन पार्षदों के शिकायत की बात सामने आ रही है। उसमें भाजपा पार्षद दल के उपनेता देव शर्मा मिश्रा, मुख्य सचेतक मुकेश सिंह मोंटी, सचेतक अमित चौधरी, पार्षद रंजना अवस्थी, मालती यादव, कौशलेंद्र द्विवेदी, प्रतिमा तिवारी, शैलेंद्र वर्मा, उमेश सानियाल, राजेश सिंह गब्बर, निर्मला सिंह,हरिश्चंद लोधी नामित पार्षद अखिलेश गिरी सहित अन्य नाम शामिल हैं। महानगर अध्यक्ष बोले पत्र आया देखा नहीं भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि फिलहाल पत्र आया है, लेकिन उसे देख नहीं पाया हूं। उनका कहना है कि इसे देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा कि किस लिए पत्र आया है, लेकिन महानगर अध्यक्ष के कारण बताओ नोटिस के बाद मेयर ने यह पत्र जाती किया है। इसमें पार्षदों के समर्थन में अपनी मजबूती भी संगठन को दिखाने का प्रयास है। वहीं, मामले पर जब मेयर सुषमा खर्कवाल से बात की गई तो उन्होंने इस तरह के किसी भी पत्र से इनकार किया। हालांकि, करीब एक सप्ताह पहले मेयर के कैंप कार्यालय पर परेड करते हुए पहुंचे पार्षदों पर उन्होंने कहा था कि वह सब पार्षद खुद कर रहे हैं। नई दिल्ली में रक्षा मंत्री से मिलकर लौटी हैं मेयर मेयर सुषमा खर्कवाल नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर लौटी हैं। इसे उन्होंने औपचारिक मुलाकात बताया है, लेकिन बताया जा रहा है कि इस मौके पर उन्होंने पार्षदों के समर्थन वाली बात भी वहां बताई,जिसका लेटर वह साथ लेकर गई थीं। साथ ही पक्षपात के आरोपों को भी निराधार बताया। दिल्ली से लौटने के बाद मेयर ने यही पत्र संगठन और मंत्रियों के यहां भेजे हैं। दरअसल, मेयर के फैसले का विरोध करने वाले पार्षदों को ही संगठन ने इस बार भाजपा पार्षद दल का पदाधिकारी बनाया है। पार्षद बोले हमने सिर्फ काम मांगा संगठन और मंत्रियों के यहां शिकायत की जानकारी मिलने के बाद मेयर के विरोधी खेमे के पार्षदों ने गुरुवार देर शाम नगर निगम मुख्यालय में बैठक की। इसमें एजेंडा भी तैयार किया कि आगे क्या किया जाएगा, लेकिन सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से पार्षदों ने इंकार कर दिया है। पार्षदों का कहना है कि हमें 15 वें वित्त और अवस्थापना में काम नहीं दिया गया। हमने सिर्फ इस बात का मुद्दा उठाया है न कि मेयर का विरोध कर रहे। जबकि सपा पार्षदों के वार्ड में काम दिया जा रहा है। मेयर कैंप से पार्षदों के पास गए फोन मेयर के कार्यालय से पार्षदों के पास गुरुवार को फोन जाना शुरू हो गए हैं। इस बीच पार्षदों से उनके क्षेत्र में प्रस्तावित काम की जानकारी ली गई, जिसे भविष्य में कराया जा सके। विरोधी खेमे का कहना है कि इसी बहाने पार्षदों को साधने की तैयारी में मेयर हैं। ताकि काम के चक्कर में पार्षद उनके खेमे में चले जाएं।

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