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लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। 3 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। बढ़ते हुए जल स्तर का प्रभाव गोमती तट के आसपास बसे मंदिरों पर भी हो रहा है। पातालपुरी लेटे हनुमान मंदिर के गर्व गृह पूरी तरह पानी में डूब गया है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि हनुमान जी जहां विश्राम कर रहे हैं उसके ऊपर 13 फीट पानी बह रहा है। मंदिर के पुजारी महंत विनोद तांगड़ी ने बताया कि फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर का मुख्य हिस्सा गर्भ ग्रह को बंद कर दिया गया। भक्तों के दर्शन के लिए हनुमान जी की चरण पादुका बाहर रखी गई है। मां गोमती ने अपने पूरे आग़ोश में ले लिया है। हनुमान जी को स्नान करवाया अब इसके बाद हनुमान जी भी विश्राम अवस्था में चले गए हैं। 2006 के बाद यह स्थिति आई है, जब इतना जलस्तर बढ़ा है। जल स्तर को कम होने के लिए विशेष पूजा किया गया है और 51 लीटर दूध से अभिषेक हुआ। ‘जल भराव से 30 % आबादी प्रभावित’ मानवीय दृष्टिकोण से यह बड़ा दुखद है, क्योंकि लखनऊ का 30% आबादी प्रभावित हो गई है, जो डाउनस्ट्रीम में रह रही है। यहाँ पर फैजुल्लागंज है, घैला है ये सब इलाके पूरी तरह से डूब रहे हैं। सबसे आश्चर्य की बात है कि निरंतर, जलस्तर बढ़ ही रहा है। यह विनाशलीला कहीं-न-कहीं हम सबके कारण ही है जो नदियों का अनादर किया गया है। हम लोगों ने जो प्रकृति और संसाधनों का दोहन किया है, प्रकृति से संबंधित प्रेम नहीं रखा, पेड़ काटते चले गए और असंतुलन हो गया। ‘गोमती में गिरने वाले नाले के रहे हैं दूषित’ सरकारी स्तर पर इस पर ध्यान देना चाहिए। लगभग 32 नाले हैं जो माँ गोमती में सीधे गिर रहे हैं । तो माता भी अपने आप को स्वच्छ करने के लिए आज विशाल जल प्रवाह लेके आई हैं कि जिससे जितनी भी गंदगी है सब भाग जाए। दुनिया कि गंदगी, प्लास्टिक , गंदगी सब नदी में मिलेगा । जो गोमती का अपमान किया है उसका दंश तो हम ही को झेलना पड़ेगा।
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लखनऊ में लेटे हुए हनुमान मंदिर का गर्भ ग्रह डूबा:भक्तों के दर्शन पर रोक , पुजारी बोले- 20 सालों के बाद लगा ताला , मां गोमती का दिखा रही रौद्र रूप