मेडिकल कॉलेज में 48 संविदा सफाई कर्मचारियों ने काम रोका:सोनभद्र में एल-2 अस्पताल के बाहर प्रदर्शन; दो महीने का बकाया देने की मांग


सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को करीब 48 संविदा सफाई कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर काम बंद कर दिया। सभी कर्मचारी एल-2 अस्पताल के बाहर एकत्र हुए और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कर्मचारियों के अचानक काम बंद करने से अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने कर्मचारियों से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास शुरू किया। सफाई कर्मचारियों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी अब नई कंपनी सब-फैसिलिटी मैनेजमेंट को मिली है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से उन्हें करीब 8,500 रुपए प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई है। इसी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने बताया कि वे वर्ष 2022 से मेडिकल कॉलेज में सफाई का कार्य कर रहे हैं। उस समय उन्हें करीब 7,833 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। उनका कहना है कि कंपनी बदलने के बाद भी वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। सुपरवाइजर पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों अनूप कुमार, अरुण कुमार, शिवकुमारी और सूरज ने आरोप लगाया कि नई कंपनी के सुपरवाइजर का व्यवहार भी कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। कर्मचारियों के मुताबिक, सुपरवाइजर पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं। इसको लेकर भी कर्मचारियों में आक्रोश है। न्यूनतम वेतन और दो माह का बकाया दिलाने की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें शासन और संविदा सेवा निगम के निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके अलावा पुरानी कंपनी के समय का दो माह का बकाया वेतन दिलाने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक काम पर लौटने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। 48 सफाई कर्मचारी और दो सुपरवाइजर व्यवस्था से जुड़े मेडिकल कॉलेज में करीब 48 सफाई कर्मचारी और दो सुपरवाइजर सफाई व्यवस्था से जुड़े हैं। एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम बंद करने से अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हो गया। प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और समाधान का प्रयास किया जा रहा है। अब कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच वार्ता के बाद ही काम बंद समाप्त होने की स्थिति स्पष्ट होगी।

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