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लखनऊ के कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप में अड्डा कॉन्सर्ट्स श्रृंखला के तहत ए म्यूजिकल इवनिंग का आयोजन किया गया । इस संगीत संध्या में गायिका नेहा मिश्रा और शास्त्रीय गायक कुणाल वर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में बॉलीवुड, भक्ति और शास्त्रीय संगीत का संगम देखने को मिला। संगीत संध्या की शुरुआत नेहा मिश्रा ने भक्ति गीत ‘शिव कैलाशों के वासी’ से की। उन्होंने ‘ऐ री सखी’, ‘मोरा पिया घर आया’ और ‘फेरो न नजरिया’ जैसे लोकप्रिय गीत भी प्रस्तुत किए। श्रोताओं ने उनकी प्रस्तुति में भावनाओं की विविधता और संगीत की आत्मीयता की सराहना की। राग रागेश्री और राग सोहनी की मधुर प्रस्तुतियां दीं नेहा मिश्रा ने बैठक शैली के गायन की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संगीत लोगों के अनुभवों और भावनाओं को जोड़ता है। उन्होंने अपनी संगीत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि संगीत उनके जीवन का अभिन्न अंग है। इसके बाद बनारस के युवा शास्त्रीय गायक कुणाल वर्मा ने मंच संभाला। उन्होंने राग रागेश्री और राग सोहनी की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। उनकी गायकी में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की गहराई और परंपरा की झलक दिखी, जिसकी श्रोताओं ने प्रशंसा की। संगीत सुनने का आनंद हमेशा आकर्षित करता हैं कुणाल वर्मा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही दूरदर्शन और रेडियो के माध्यम से शास्त्रीय संगीत सुनने का अवसर मिला। पंडित भीमसेन जोशी और पंडित जसराज जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उन्हें संगीत के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में संगीत की गहराई समझ नहीं आती थी, लेकिन उसे सुनने का आनंद उन्हें हमेशा आकर्षित करता रहा।इस संगीत संध्या में तबले पर गौरव बनर्जी, हारमोनियम पर प्रशांत त्रिपाठी तथा तानपुरे पर नरसिंह मौर्य और रशिका लाल ने संगत की। श्रोता इस संगीत कार्यक्रम में पूरी तरह लीन दिखे।
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लखनऊ में 'ए म्यूजिकल इवनिंग' का आयोजन:नेहा मिश्रा और कुणाल वर्मा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां