लखनऊ की सुदर्शन वाटिका पर फिर खर्च की तैयारी:15 साल पुराना पार्क तोड़कर शुरू हुआ पुनर्विकास, 50 लाख रुपए होंगे खर्च


लखनऊ के लालबाग स्थित भोपाल हाउस परिसर में बनी महर्षि सुपंच सुदर्शन वाटिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 15 वर्ष पहले करोड़ों रुपए की लागत से विकसित किए गए इस पार्क को एलडीए ने पुनर्विकास के लिए तोड़ दिया है। अब इसे नए स्वरूप में तैयार करने पर लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए जाने की तैयारी है। हजरतगंज क्षेत्र के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत वर्ष 2010 के आसपास इस वाटिका को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया था। पार्क में आकर्षक फव्वारे, लोहे की सजावटी बेंचें, मुक्ताकाशी मंच और हरित क्षेत्र तैयार किया गया था। लंबे समय तक यह क्षेत्र स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रखरखाव की कमी से पार्क की चमक जरूर फीकी पड़ी थी, लेकिन यहां लगे अधिकांश निर्माण, टाइल्स और मंच अच्छी स्थिति में थे। इसके बावजूद एलडीए ने पूरे परिसर को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया। कई मजबूत संरचनाएं आसानी से नहीं टूटीं तो उन्हें मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया। पार्क को पूरी तरह खोद दिए जाने के बाद अब यहां नए सिरे से सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। इसे लेकर लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब मौजूदा संरचनाएं उपयोग योग्य थीं, तो उन्हें हटाकर दोबारा निर्माण पर सरकारी धन खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी।
एलडीए के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार के मुताबिक, पार्क में लगा फव्वारा लंबे समय से बंद था और कई बेंचें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। इसी वजह से पार्क का पुनर्विकास कर इसे पहले से बेहतर स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। पार्क के पुनर्विकास को लेकर अब एलडीए की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नए निर्माण के साथ-साथ पुराने खर्च और रखरखाव की जिम्मेदारी की भी समीक्षा होनी चाहिए।

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