रोशनी हत्याकांड में 2 दोषी को 5 साल जेल:जालौन में 2023 में आशिक ने गोली मारकर हत्या की थी, 20-20 हजार का जुर्माना


जालौन में वर्ष 2023 में BA की परीक्षा देकर लौट रही छात्रा रोशनी अहिरवार की उसके सिरफिरे आशिक ने अपने साथी के साथ गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्यों और सक्षम न्यायालयीन पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। गौरतलब है कि 17 मई 2023 को एट थाना क्षेत्र के कोटरा तिराहे पर बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा रोशनी अहिरवार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐंधा गांव निवासी रोशनी एट में स्थित राम लखन पटेल महाविद्यालय से परीक्षा देकर अपने घर लौट रही थी।
इसी दौरान पल्सर बाइक से पहुंचे दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और सिर में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई थी। मृतका की बड़ी बहन शीलम ने गांव जमरेही निवासी राज उर्फ आशीष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि राज लगातार रोशनी पर शादी का दबाव बना रहा था। रोशनी द्वारा विवाह से इनकार किए जाने पर वह उसे लगातार धमकियां देता था और जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राज उर्फ आशीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हमीरपुर जनपद के बिंवार थाना क्षेत्र निवासी रोहित उर्फ गोविंदा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसमें बाद में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) भारतेंदु सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों एवं प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते गंभीर मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत भविष्य में भी संगठित एवं जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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