रिश्वत मामले में गिरफ्तार डिप्टी सीएमओ जेल से हुआ रिहा:इटावा में ड्यूटी ज्वाइन करने की फरियाद लेकर पहुंचा, निलंबन आदेश जारी करने की मांग की


इटावा में 55 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए डिप्टी सीएमओ डा. श्रीनिवास यादव जेल से रिहा हो गए। इसके बाद गुरुवार 20 अगस्त को 70 दिन बाद इटावा सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सीएमओ डा. बृजेंद्र कुमार सिंह को पत्र देकर अपनी ज्वाइनिंग स्वीकार करने का अनुरोध किया। वहीं, सीएमओ ने शासन को पत्र भेजकर उनके निलंबन का आदेश जारी करने की मांग की है। 10 जून को हुई थी गिरफ्तारी डा. श्रीनिवास यादव के मुताबिक 10 जून 2026 को विजिलेंस टीम ने उन्हें कार्यालय से 55 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानपुर नगर के सतर्कता अधिष्ठान थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद जिला कारागार कानपुर नगर भेज दिया गया था। 11 अगस्त को मिली जमानत मामले में प्रभारी अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-1 कानपुर नगर ने 11 अगस्त को डा. श्रीनिवास यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद बुधवार 19 अगस्त की शाम करीब छह बजे उन्हें जिला कारागार कानपुर नगर से रिहा किया गया। अगले ही दिन उन्होंने इटावा पहुंचकर सीएमओ कार्यालय में अपनी सूचना प्रस्तुत की।
सीएमओ से ज्वाइनिंग स्वीकारने की मांग जेल से रिहाई के बाद कार्यालय पहुंचे डा. श्रीनिवास यादव ने अपने पत्र में गिरफ्तारी, जेल में निरुद्ध रहने और जमानत पर रिहाई की जानकारी दी। उन्होंने सीएमओ से पद पर योगदान स्वीकार करने का अनुरोध किया। हालांकि उनकी ज्वाइनिंग को लेकर सीएमओ कार्यालय की ओर से शासन के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। सीएमओ ने शासन को भेजा पत्र इधर सीएमओ डा. बृजेंद्र कुमार सिंह ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 10 जून को डा. श्रीनिवास यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी तक निलंबन आदेश जारी होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। 48 घंटे से ज्यादा हिरासत का नियम
सीएमओ ने शासन को भेजे पत्र में उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के नियम-4(3) का हवाला दिया है। इसमें प्रावधान है कि कोई सरकारी सेवक 48 घंटे से अधिक समय तक अभिरक्षा में निरुद्ध रहता है तो उसे अभिरक्षा की तारीख से निलंबित समझा जाएगा। सीएमओ के मुताबिक डा. श्रीनिवास यादव 10 जून से 19 अगस्त तक जेल में निरुद्ध रहे।

निलंबन आदेश जारी करने की मांग
सीएमओ ने शासन से प्रकरण में नियमानुसार तत्काल निलंबन आदेश जारी करने और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया है। ऐसे में एक तरफ डिप्टी सीएमओ जेल से रिहा होने के बाद ड्यूटी ज्वाइन करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सीएमओ ने नियमों का हवाला देते हुए शासन से उनके निलंबन को लेकर स्पष्ट आदेश मांगा है।

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