राममंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का प्रदर्शन:न्यायिक जांच और FIR की मांग, मेरठ में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन


मेरठ में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। जिला अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों सनातनधर्मियों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला भी है। उन्होंने मांग की कि आरोपों की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भूमि खरीद में अनियमितता का आरोप कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मंदिर परिसर के आसपास की जमीन बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गई। पार्टी नेताओं का दावा है कि एक भूमि सौदे में महज पांच मिनट के अंतराल में 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली गई, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े होते हैं। बिना टेंडर ठेके और घटिया निर्माण सामग्री के आरोप ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता का अभाव रहा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिना उचित टेंडर प्रक्रिया के कुछ लोगों को ठेके दिए गए और निर्माण में गुणवत्ता संबंधी मानकों की अनदेखी की गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दान की राशि को ट्रस्ट पदाधिकारियों से जुड़ी निजी कंपनियों में निवेश किए जाने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। सार्वजनिक ऑडिट कराने की उठाई मांग कांग्रेस ने दावा किया कि अब तक मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त कुल दान राशि और उसके खर्च का विस्तृत सार्वजनिक ऑडिट सामने नहीं आया है। पार्टी ने मांग की कि ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक के सभी वित्तीय लेनदेन की जांच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) या किसी प्रतिष्ठित फोरेंसिक ऑडिट एजेंसी से कराई जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT गठित करने की मांग ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए। साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। जांच पूरी होने तक वित्तीय अधिकार निलंबित करने की मांग कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जांच पूरी होने तक आरोपित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया जाए और ट्रस्ट के वित्तीय अधिकारों को अस्थायी रूप से निलंबित कर मंदिर निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय सरकारी समिति गठित की जाए। पार्टी का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *