रजनीकांत बोले-विजय मुझसे 25 साल जूनियर, मैं उनसे नहीं जलता:अगर मैं 2021 में चुनाव लड़ता तो जीत जाता; स्टालिन 30 साल से मेरे दोस्त


रजनीकांत ने रविवार को कहा कि यह सही है कि मैं चुनाव नतीजों के बाद पूर्व सीएम स्टालिन से मिला लेकिन मैं ऐसा आदमी नहीं जो राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक गिर जाऊं। मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि हमारी दोस्ती राजनीति के परे है। तमिल सुपरस्टार ने आगे कहा कि स्टालिन पिछले 3 दशक से मेरे दोस्त हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं विजय से जलता हूं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। वो मुझसे 25 साल जूनियर हैं। अगर मैंने 2021 में चुनाव लड़ा होता तो जीत जाता। दरअसल, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव नतीजों के बाद रजनीकांत ने डीएमके नेता स्टालिन के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद कुछ लोगों ने उन पर आरोप लगाए थे कि वो नहीं चाहते एक्टर विजय CM बनें। रजनीकांत ने कहा- जनता ने DMK-AIADMK को 60 साल दिए मीडिया को संबोधित करते हुए रजनीकांत ने कहा कि हमने DMK और AIADMK के 60 साल देखे हैं। शायद एक बदलाव की जरूरत थी। मैं विजय के खिलाफ नहीं हूं। राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमें उन्हें कम से कम दो साल का समय देना चाहिए। विजय ने 24 घंटे में ज्योतिषी को OSD से हटाया तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट पास करने के कुछ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री विजय ने ज्योतिषी राधन पंडित को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (OSD) पद से हटा दिया। विजय ने पद से हटाने के 24 घंटे पहले ही उन्हें जिम्मेदारी दी थी, लेकिन विपक्ष और सहयोगी पार्टियों के विरोध के बाद फैसला वापस लेना पड़ा। राधन लंबे समय से विजय के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। उनकी सलाह पर ही 10 मई को विजय के शपथ ग्रहण का समय भी बदला गया था। राधन ज्योतिषी होने के साथ TVK के प्रवक्ता भी रहे हैं। विजय की कुंडली को ‘सुनामी जैसा’ बताया था चुनाव से पहले राधन ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन वीडियो में विजय की कुंडली को ‘सुनामी जैसा’ बताया था, यानी ऐसी कुंडली जो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी लहर ला सकता है। उनका यह भी कहना था कि TVK का नाम अंक ज्योतिष और ज्योतिषीय सिद्धांतों के हिसाब से विजय की कुंडली से मेल खाता है। राधन तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रह चुके हैं। उनके पास ज्योतिष विद्या में करीब 40 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। AIADMK में फूट, पलानीस्वामी-षणमुगम गुट में बंटी पार्टी तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है। तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया। इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है। AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय सरकार फ्लोर टेस्ट में पास: 118 वोट चाहिए थे, 144 मिले; AIADMK के 25 बागी विधायक साथ आए, DMK का वॉकआउट तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री विजय की TVK सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। वोटिंग के वक्त सदन में 171 विधायक मौजूद थे। इनमें 144 ने TVK का समर्थन किया। TVK के पक्ष में AIADMK के 25 बागी विधायकों नें भी वोट डाला। AIADMK के 47 विधायक हैं। 22 ने TVK सरकार का विरोध किया। फ्लोर टेस्ट में 59 विधायकों वाली DMK ने वॉकआउट कर दिया। सदन मे मौजूद PMK के 4 और BJP के एक विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। पूरी खबर पढ़ें…

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