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जापान की राजनीति में एक अनोखी पार्टी ‘टीम फ्यूचर मिराई’ चर्चा में है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समर्थक एजेंडे और टेक्नोलॉजी आधारित राजनीति के वादे के साथ उभरी इस पार्टी का चेहरा अन्नो ताकाहिरो हैं, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर और एआई उद्यमी से पहले साइंस फिक्शन लेखक भी रहे हैं।
ताकाहिरो सरकार और लोकतंत्र में भी इंजीनियरिंग सोच और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की पैरवी कर दुनिया में तकनीक-आधारित राजनीति की नई बहस को आगे बढ़ा रहे हैं। वे 2024 में टोक्यो गवर्नर चुनाव लड़कर राजनीति में आए। सोशल मीडिया और एआई के जरिए वोटरों से फीडबैक लेने के तरीके से वे चर्चा में आए। उन्होंने 2025 में ‘मिराई’ पार्टी बनाई। पार्टी ने पहले ऊपरी सदन में एक सीट, फिर इस साल निचले सदन में 11 सीटें जीतकर मौजूदगी दर्ज कराई। छोटी पार्टी होने के बावजूद मिराई शुरुआती सफल एआई समर्थक राजनीतिक पार्टियों में से एक मानी जा रही है। जब दुनियाभर में लोग डर रहे हैं कि एआई इंसानों की नौकरियां खा जाएगा, अन्नो ताकाहिरो इसे जापान की बड़ी समस्या ‘बूढ़ी होती आबादी’ के समाधान के रूप में देख रहे हैं। एआई के जरिए फीडबैक टीम मिराई में जनता की राय जानने के लिए पारंपरिक सर्वे की बजाय सोशल मीडिया और डिजिटल फीडबैक पर ज्यादा जोर रहता है। अन्नो का दावा है कि इससे जनता की आवाज पहले से ज्यादा गहराई से सुनी जा सकती है। ताइवान की मंत्री ऑड्रे टेंग से ली प्रेरणा अन्नो ताकाहिरो ने ताइवान की पूर्व डिजिटल मंत्री ऑड्रे टेंग से प्रेरणा ली है। अन्नो व्यवस्था बदलने नहीं, बल्कि तकनीक से सिस्टम को बेहतर बनाने की बात करते हैं। मिराई खुद को फैक्ट्स और डेटा आधारित राजनीति वाली पार्टी बताती है। इसी सोच के तहत उसने जापान में उपभोग कर (कंजम्प्शन टैक्स) घटाने का विरोध किया, यह कहते हुए कि इससे भविष्य का बजट प्रभावित हो सकता है। टेक फोकस: प्रत्याशियों की औसत उम्र 40 साल जनता से संवाद का तरीका: मिराई पार्टी ‘ब्रॉड लिसनिंग’ मॉडल अपनाती है। इडोबेटा, टॉकिंग मैनिफेस्टो जैसे टूल्स से एआई इंटरव्यू प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों की राय लेकर उसका विश्लेषण किया जाता है। डिजिटल लोकतंत्र है पार्टी का एजेंडा। उम्मीदवारों की औसत उम्र: 40 साल रखने पर जोर (जापान के बाकी सांसदों की औसत उम्र 55 साल है)। राजनीतिक विचारधारा: न दक्षिणपंथी और न वामपंथी, सिर्फ फैक्ट्स और तकनीक पर है पार्टी का फोकस।
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