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मेरठ में रक्षाबंधन से ठीक पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने चौधरी चरण सिंह जिला कारागार का औचक भ्रमण कर बंदियों को मिल रही सुविधाओं और जेल की व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। आयोग के स्पेशल रैपोर्टियर उपेंद्र सिंह बघेल के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तीन घंटे से अधिक समय जेल परिसर में बिताया। इस दौरान साफ-सफाई से लेकर अस्पताल, रसोई, भोजन की गुणवत्ता, कौशल विकास प्रशिक्षण और महिला बैरक तक का निरीक्षण किया गया। टीम ने बंदियों से सीधे संवाद कर जेल प्रशासन के व्यवहार और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी फीडबैक लिया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने जेल पहुंचते ही सबसे पहले परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। बैरकों और परिसर में बेहतर सफाई व्यवस्था देखकर टीम ने संतोष जताया। इसके बाद अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई। अस्पताल में इलाज, दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसके बाद टीम जेल की रसोई में पहुंची। यहां बंदियों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन की प्रक्रिया, मेन्यू और गुणवत्ता की जानकारी ली गई। भोजन की गुणवत्ता को भी परखा गया। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। बंदियों से आमने-सामने बातचीत
निरीक्षण के दौरान स्पेशल रैपोर्टियर उपेंद्र सिंह बघेल ने बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। बंदियों से जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी फीडबैक लिया गया। आयोग की टीम ने यह जानने की कोशिश की कि जेल में रहने के दौरान बंदियों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। कौशल विकास प्रशिक्षण की भी ली जानकारी
टीम ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। विभिन्न ट्रेड में बंदियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और उससे मिलने वाले लाभ के बारे में अधिकारियों से जानकारी की गई। महिला बैरक का भी टीम ने निरीक्षण किया। महिला बंदियों से बातचीत में उन्होंने जेल प्रशासन की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मानवाधिकार आयोग की टीम के दौरे को रक्षाबंधन से पहले विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहार के दौरान जेल में बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों और बहनों की संख्या बढ़ने की संभावना के बीच टीम ने जेल की समग्र व्यवस्थाओं को भी परखा। यह भी रहे निरीक्षण के दौरान मौजूद
निरीक्षण के दौरान डीआईजी जेल सुभाष चंद्र शाक्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा, जेलर हरवंश पांडेय, अवनीश सिंह और जेल चिकित्सक डा. मुकेश सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जेल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और बंदियों से संवाद कर जमीनी स्थिति की जानकारी हासिल की।
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रक्षाबंधन से पहले जिला कारागार पहुंची मानवाधिकार आयोग की टीम:तीन घंटे परखी बंदियों की सुविधाएं, पुरुष-महिला बंदियों से बात की, डीआईजी भी रहे