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इटावा में कोतवाली में दर्ज रंगदारी मांगने और एससी-एसटी एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत ने बुधवार को सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी अंशु चौधरी और उसके भाई युवा सपा नेता रेशु चौधरी की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत के प्रार्थनापत्र सुनवाई के बाद खारिज कर दिए। हर महीने 20 हजार रुपए मांगने का आरोप इकदिल क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव निवासी अंशु चौधरी और रेशु चौधरी के खिलाफ करनपुरा निवासी अंकित ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, दोनों भाइयों पर अंकित के साथ मारपीट करने और हर महीने 20 हजार रुपए रंगदारी मांगने का आरोप है। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की थी याचिका मुकदमा दर्ज होने के बाद अंशु चौधरी और रेशु चौधरी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों के अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिए।
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रंगदारी और जातिसूचक गाली के मामले में अंतरिम जमानत खारिज:सपा नेता और भाई को कोर्ट से झटका, 20 हजार रंगदारी मांगने का आरोप है