योगी बोले- पहले भैंसागाड़ी से भैंसा गायब हो जाता था:गुंडे ड्राइवर को मारकर गाड़ियां चुरा लेते थे; भारत टैक्सी सेवा शुरू की, जानिए खासियत


सीएम योगी ने बुधवार को लखनऊ में कहा- 2017 से पहले यूपी में टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर छोड़िए, अगर भैंसागाड़ी से जाने वाला व्यक्ति कहीं चाय पीने रुकता था तो उसका भैंसा गायब हो जाता था। टैक्सी के टायर गायब हो जाते थे। पहले सड़क गड्ढे में है या गड्ढा सड़क में, पता नहीं चलता था। आज यूपी में सब बदल गया है। योगी ने लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ और प्रदेश के किसानों को कम ब्याज पर लोन देने की योजना शुरू करते हुए कहा- 2014 से पहले देश और 2017 से पहले यूपी में बुरे हालात थे। महीनों कर्फ्यू रहता था, दंगे होते थे। सत्ताधारी दल के गुंडे जिस टैक्सी में बैठते थे, उसके ड्राइवर को मारकर गाड़ी चुरा लेते थे। अब डबल इंजन सरकार किसानों और गरीबों की ताकत बन गई है। योगी ने कहा- हमारे सहकारिता बैंकों से किसानों को 11 फीसदी ब्याज पर लोन दिया जाता था। अब हमने ब्याज दर को कम करके 6 फीसदी कर दिया है। 10 लाख तक के लोन की सुविधा उपलब्ध कराई है। हम 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को भी लोन की सुविधा देंगे। इससे पहले, सीएम ने ‘कृषक समृद्धि योजना’ का पोर्टल और उर्वरक-बीज के लिए ‘सेतु ऐप’ लॉन्च किया। लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ की सुविधा शुरू की। किसानों को लोन का चेक और ड्राइवरों को टैक्सी का प्रमाण पत्र सौंपा। भारत टैक्सी को हरी झंडी दिखाने के बाद सीएम कैब में भी बैठे। योगी के संबोधन की बड़ी बातें- 1. भ्रष्ट हाथों में अस्त्र-शस्त्र देंगे तो विध्वंस ही होगा
सीएम योगी ने कहा- पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता देश की समृद्धि का प्रतीक बन रहा है। सहकारिता हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन, सहकारिता की कमान किन लोगों के हाथों में है, सफलता इस बात पर निर्भर करती है। अगर नकारात्मक और भ्रष्ट हाथों में अस्त्र-शस्त्र दे देंगे तो वे विध्वंस ही करेंगे। यदि शक्ति सकारात्मक सोच वाले लोगों के हाथ में देंगे तो समाज और राष्ट्र की सुरक्षा मजबूत होगी। सहकारिता दोधारी तलवार है- एक अच्छा और एक बुरा पक्ष। अच्छी लीडरशिप हो तो सहकारिता तरक्की का कारण बनती है। 2. गरीबों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था
भारत टैक्सी के शुभारंभ पर सीएम योगी ने कहा- सहकारिता मंत्रालय के गठन की वजह से परिणाम देखने को मिल रहे हैं। जिन लोगों के बारे में कोई सोचता नहीं था जैसे- टैक्सी ड्राइवर, अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे। बदले में समाजिक सुरक्षा कवरेज भी मिलेगा। अब तक उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी जाती थी। उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता था। एक गरीब के हुनर का अपमान किया जाता था। आज जब ड्राइवर कार पर भारत टैक्सी लिखवाएगा तो उसे गौर्व होगा कि यह पूरे भारत की टैक्सी है। उसके मन में इसकी निश्चितंता होगी कि मुझे 5 लाख की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी मिल रही है। 3. चोरी हुई तो अगले चौराहे पर इलाज करने का इंतजाम है
सीएम योगी ने कहा कि अब कर्फ्यू नहीं लगता, अब दंगा नहीं होता, अब चोरी नहीं होती, क्योंकि 14 लाख CCTV कैमरे लगाए हैं। कहीं चोरी हुई तो अगले चौराहे पर चोरी का इलाज करने का इंतजाम है। किसान पहले पलायन करता था, हताश और निराश था। बिचौलिए हावी थे। हमने 2017 में सबसे पहले अन्नदाता किसानों के 36 हजार करोड़ रुपए के ऋण माफ किए। सरयू नगर परियोजना को पूरा करने में 50 साल लग गए, क्योंकि अन्नदाता किसान उनके एजेडे में नहीं था। अर्जुन सहायक परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा परियोजना की भी यही स्थिति थी। डबल इंजन की सरकार ने 24 लाख अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा दी है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिली है। पहले किसानों के खेत में लगी मोटर चोरी हो जाती थी। आज हमने सिंचाई की सुविधा फ्री की है। मुफ्त बिजली दे रहे हैं। 4. अच्छी सरकार आती है तो अच्छा काम करती है
सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार आती है तो अच्छा काम भी करती है। पीएम मोदी ने हेल्थ कार्ड से लेकर किसान सम्मान निधि दी है। यूपी में गन्ना किसानों को वर्षों तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होता था। गन्ना तैयार होने के बाद पर्ची नहीं मिलती थी। मिलों में धांधली हाती थी। गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होता था। 122 चीनी मिलों में से 100 से अधिक चीनी मिल ऐसी हैं, जो चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान करती हैं। पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। 5. बीमारू यूपी अब समृद्ध हुआ है; उपद्रव, उत्सव में बदला
योगी ने कहा- अन्नदाता किसानों के लिए सरकार ने कई काम किए हैं। उसका परिणाम है कि बीमारू यूपी अब समृद्ध हुआ है, जहां उपद्रव थे, आज वहां उत्सव है। हर किसान के चेहरे पर खुशहाली है। सहकारी समितियों के गठन के लिए भी कितनी समस्या होती थी, आज फर्टिलाइजर भी समितियों से बांट रहे हैं, किसानों को हर हाल में फर्टिलाइजर समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पैक्स के गठन के लिए अभियान चलाया है। पैक्स में 54 लाख नए सदस्य बनाए हैं। 2017 से पहले 16 सहकारिता बैंक घाटे में थे। आज 14 बैंक फिर से फायदे में आ गए हैं। डिप्टी सीएम बोले- नौकरी के चक्कर में न पड़ो, चार घंटे अपनी टैक्सी चलाओ 4 सवाल-जवाब में भारत टैक्सी के फायदे समझिए… ————————–

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