मिर्जापुर में 24 सितंबर को कजरी महोत्सव का आयोजन:प्रयागराज, लखनऊ और जिले के नामचीन कलाकार देंगे प्रस्तुति; संस्कृति विभाग की पहल


मिर्जापुर की सदियों पुरानी कजरी लोक परंपरा को बचाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए 24 सितंबर को कजरी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से होने वाला यह कार्यक्रम सिटी क्लब, कचहरी रोड में शाम 5 बजे से शुरू होगा। महोत्सव में प्रदेश और जिले के नामचीन कलाकार कजरी गायन और लोकगीतों की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में प्रयागराज की मशहूर गायिका आश्रया द्विवेदी और लखनऊ की कजरी गायिका रंजना रचित मिश्रा अपनी प्रस्तुतियां देंगी। वहीं मिर्जापुर की लोकगीत और कजरी गायिकाएं रानी सिंह, सूफिया बेगम, फगुनी देवी और कल्पना गुप्ता भी लोकगीतों की मधुर धुनों से माहौल सजाएंगी। आयोजन का उद्देश्य कजरी की पारंपरिक शैली को मंच देना और नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना है। कार्यक्रम के नोडल अफसर और उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि जिले की कजरी संस्कृति लोकगीत और लोकनृत्य की पुरानी परंपरा का अहम हिस्सा है। इसे बचाने और बढ़ावा देने के मकसद से महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोजन से कजरी की पारंपरिक शैली को बड़ा मंच मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रयागराज और लखनऊ के कलाकार भी देंगे प्रस्तुति कजरी महोत्सव में प्रयागराज की मशहूर गायिका आश्रया द्विवेदी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। लखनऊ की कजरी गायिका रंजना रचित मिश्रा भी पारंपरिक कजरी गीतों की प्रस्तुति देंगी। दोनों कलाकारों के साथ जिले की कलाकार भी कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतियां देंगी। मिर्जापुर की रानी सिंह, सूफिया बेगम, फगुनी देवी और कल्पना गुप्ता लोकगीत और कजरी गायन से श्रोताओं को लोक संस्कृति के रंग में रंगेंगी। सावन-भादो की लोक भावना दिखेगी महोत्सव में जिले की पहचान से जुड़ी कजरी की मधुर धुनों के साथ लोकगीतों की प्रस्तुति होगी। सावन-भादो की लोक भावना और पूर्वांचल की ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी कजरी के बोल कार्यक्रम का खास आकर्षण होंगे। आयोजकों के मुताबिक कजरी केवल गायन की परंपरा नहीं, बल्कि मिर्जापुर और पूर्वांचल की लोक संस्कृति से जुड़ी विरासत है। ऐसे आयोजनों के जरिए इसकी पारंपरिक शैली को मंच देने और आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से महोत्सव में पहुंचने की अपील आयोजकों ने जिले के नागरिकों और गणमान्य लोगों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से इस लोक संस्कृति के आयोजन का हिस्सा बनने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे आयोजनों के जरिए मिर्जापुर की कजरी परंपरा को प्रदेश और देश के बड़े मंच तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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