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बाराबंकी जिले में धान की फसल के लिए यूरिया खाद की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। विकासखंड सिद्धौर क्षेत्र की उस्मानपुर सहकारी समिति पर शनिवार को सैकड़ों किसान घंटों तक खाद के इंतजार में कतार में खड़े रहे। किसानों के मुताबिक समिति के गोदाम में महज 20 से 25 बोरी यूरिया उपलब्ध थी, जबकि खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद इस समय फसल में यूरिया डालना बेहद जरूरी है। स्थानीय किसान रमेश ने बताया कि तीन दिन पहले यूरिया के लिए पर्ची कटवा ली थी, लेकिन अब तक खाद नहीं मिल सकी है। एक अन्य किसान ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से लगातार समिति के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। समय पर खाद नहीं मिली तो फसल पर असर की चिंता किसानों के मुताबिक धान की फसल में समय पर यूरिया का छिड़काव नहीं हुआ तो फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि खाद की किल्लत लंबे समय तक बनी रही तो उत्पादन पर असर पड़ेगा और खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है। प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल जिले में यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी ने प्रशासनिक दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था सुचारु करने की मांग कर रहे हैं, ताकि धान की फसल को समय पर यूरिया मिल सके।
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यूरिया के लिए घंटों कतार में खड़े किसान:गोदाम में सिर्फ 20-25 बोरी खाद, तीन दिन पहले पर्ची कटने के बाद भी नहीं मिली