यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट:कानपुर में पदयात्रा रोकी गई, सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का आरोप


कानपुर में यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की प्रस्तावित पदयात्रा से पहले रविवार को पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान समेत कई नेताओं को भी रोका गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई मुद्दों पर था प्रदर्शन यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही कार्रवाई रोकने तथा कानपुर की जर्जर सड़कों और नालों की समस्या को लेकर तिलक हॉल से बड़ा चौराहा तक पदयात्रा निकालने और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम घोषित किया था। जिलाध्यक्ष को घर पर ही रोका प्रस्तावित मार्च शुरू होने से पहले रविवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस ने यूथ कांग्रेस कानपुर के जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके अलावा एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान और अन्य कांग्रेस नेताओं को भी आगे बढ़ने से रोक दिया गया। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। ‘सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है’ अब्दुल माबूद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं उठाने जा रही थी, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही नेताओं को रोक दिया गया। उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे पदयात्रा रोके जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और स्थानीय जनसमस्याओं पर जवाब देने से बच रही है। कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष वैभव शुक्ला, लखनऊ यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष माजिद खान समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस बोली- कानून व्यवस्था के मद्देनजर कार्रवाई पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन कार्रवाई की गई। वहीं कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनता से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने से रोका गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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