![]()
रायबरेली के हरचंदपुर ब्लॉक में भाकपा (माले) ने यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर विशाल मार्च निकाला और सभा का आयोजन किया। इस मौके पर आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, रिहाई मंच के नेता राजीव यादव, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार, ऐक्टू के राज्य प्रदेश सचिव विजय विद्रोही, भाकपा माले के जिला सचिव हनुमान अंबेडकर समेत सैकड़ों महिला-पुरुष और नौजवान शामिल रहे। यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर जेएनयू में आंदोलन और गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए नेहा बोरा ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रायबरेली के हरचंदपुर तक यह लड़ाई पहुंचना यह साबित करता है कि यूजीसी रेगुलेशन लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा। राजीव यादव का आरोप – विश्वविद्यालयों में भेदभाव रिहाई मंच के नेता राजीव यादव ने कहा कि पूरे देश में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। विश्वविद्यालय में इसी भेदभाव को दूर करने के लिए यूजीसी रेगुलेशन लाया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष न रखने के कारण रोका। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले आंदोलन और मजबूत किया जाएगा। सुनील मौर्य का हमला – भाजपा पर तानाशाही इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि भाजपा का बुलडोजर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चल रहा है और संवैधानिक मर्यादा को भी ताक पर रखा गया है। मनीष कुमार – विश्वविद्यालयों का बर्बाद होना और उत्पीड़न आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों में फंड की कटौती करके वंचित छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है और उन्हें उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोहित एक्ट की तर्ज पर प्रदेशभर में यूजीसी रेगुलेशन लागू कराने का आंदोलन जारी है। हनुमान अंबेडकर – जनता का आक्रोश भाकपा माले रायबरेली के जिला सचिव हनुमान अंबेडकर ने कहा कि रायबरेली की जनता विश्वविद्यालयों में व्याप्त उत्पीड़न और भाजपा सरकार की तानाशाही के खिलाफ आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि हरचंदपुर में सैकड़ों लोग सरकार को बर्खास्त करने और यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग कर रहे हैं। विजय विद्रोही – नौजवानों को गुलाम बनाने की कोशिश ऐक्टू के प्रदेश सचिव विजय विद्रोही ने कहा कि देश की सार्वजनिक संस्थाओं को बर्बाद करके नौजवानों को सस्ता श्रमिक और गुलाम बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के हवाले देश की संपत्ति बेचकर औपनिवेशिक दौर की ओर ले जा रही है। सभा का संचालन और प्रमुख शामिल सभा का संचालन विजय विद्रोही ने किया। इसमें अरुण कुमार यादव, डॉ. रामकुमार निषाद, सुशील मौर्य, रामेश्वर प्रधान, सुरेश शर्मा एडवोकेट, उदय चौधरी, अहमद सिद्दीकी, इंसाफ मंच के अध्यक्ष हलीम महमूद, खेगरामस के जिला अध्यक्ष रामचंद्र वर्मा समेत सैकड़ों महिला-पुरुष और नौजवान मौजूद रहे।
Source link
यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग पर प्रदर्शन:रायबरेली में भाकपा (माले) ने निकाला विशाल मार्च, सभा की