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बलिया में बुधवार सुबह एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और नीचे खड़े लोगों के बीच दर्जनों पर्चियां फेंकने लगा। पर्चियों में युवक ने अपने जीवन संघर्ष, पारिवारिक विवाद, आर्थिक संकट और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र करते हुए खुद को पीड़ित बताया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए। घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। आसपास के लोग टावर के नीचे खड़े होकर युवक को समझाने का प्रयास करते रहे, जबकि पुलिस भी लगातार उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए मनाती रही। पर्चियों में युवक ने दावा किया कि उसने वर्षों की मेहनत से कमाए करीब 30 से 35 लाख रुपये परिवार को दिए, लेकिन इसके बावजूद उसे सम्मान नहीं मिला। उसने आर्थिक शोषण, कर्ज और मानसिक दबाव का भी जिक्र किया है। घटना बांसडीह थाना क्षेत्र की है। ——————— देखें 3 तस्वीरें अब विस्तार से जानें पूरा मामला बांसडीह निवासी धन जी वर्मा बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। जहां से उसने छपी हुई पर्चियां फेंकी। जिसमें एक बड़े बेटे की सच्ची दर्दनाक घटना शीर्षक लिखा था। उसने माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी और कुछ पड़ोसियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पर्ची में दावा किया गया है कि उसके साथ बचपन से भेदभाव किया गया, पढ़ाई प्रभावित हुई और बड़े बेटे होने के बावजूद उसके साथ अन्याय हुआ। युवक ने लिखा है कि उसकी मेहनत की कमाई का गलत इस्तेमाल किया गया और परिवार ने उसके भविष्य को नुकसान पहुंचाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके जीवन से जुड़े कई फैसले उसकी इच्छा के विरुद्ध लिए गए, जिससे उसकी निजी और सामाजिक जिंदगी प्रभावित हुई। युवक ने खुद की तस्वीर के साथ “मैं पीड़ित हूं, अपराधी नहीं” लिखकर न्याय की मांग की है। एक अन्य पर्ची में कुछ लोगों की तस्वीरें लगाकर उन्हें अपनी वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया गया है। युवक ने लिखा कि अपमान, कर्ज, मानसिक पीड़ा और अन्याय ने उसके सपने, पढ़ाई, बचपन और खुशियां छीन ली हैं। वीडियो बनाकर बताई आपबीती मेरे साथ 20 जून 2026 को दिन दहाड़े राजगिरी,कुलवन्ती, सत्येंद्र, उपेन्द्र ने 15 हजार 500 रूपया चोरी किया। ग्लैंडर,कुछ मेन-मेन सामान चोरी कर लिया। जो भी सबूत था वो सब जला दिये। मौके पर पुलिस भी गई थी लेकिन मेरा एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। मैं बार-बार उनको बताया, मैं अपनी समस्या लेकर तहसील दिवसमें भी गया था लेकिन एसपी साहब ने मेरी कोई समस्या नहीं सुनी। उन्होंने एक दूसरे के ऊपर टरकाते हुए बांसडीह थाना को देखने के लिए बोल दिया। लेकिन मेरा एफआईआर दर्ज नहीं किया जा रहा है। और बार-बार फर्जी भ्रामक रिपोर्ट लगाकर विरोधीपक्ष को बचाया जा रहा है।मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा हुआ है। मैं मजबूर होकर दूसरी बार आत्मदाह करने के लिए इस टावर पर चढ़ा हुआ हूं।अगर मेरी मृत्यु होती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की लापरवाही होगी। समझाइश कर सुरक्षित उतारने की कोशिश घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने टावर के नीचे सुरक्षा घेरा बनाकर युवक से बातचीत शुरू की। पुलिस का प्रयास था कि बिना किसी अप्रिय घटना के युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि युवक भावनात्मक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। उसके द्वारा लगाए गए आरोपों और पर्चियों में लिखी बातों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता उसे सुरक्षित नीचे उतारकर उसकी बात सुनना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना रही। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सुबह से लेकर कई घंटों तक लोग टावर के नीचे जुटे रहे और युवक की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ———————————– संबंधित खबर भी पढ़िए… लखनऊ अग्निकांड में 15 मौतें, बिल्डिंग ढहाई जाएगी:यूपी के 48 कोचिंग सेंटर सील; अखिलेश बोले- 1 करोड़ मुआवजा मिले लखनऊ की 2 मंजिला इमारत में आग लगने की घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार सुबह 11 बजे हादसे की जांच के लिए SIT और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने इमारत की जांच की। SIT में IPS प्रवीण कुमार और IAS अमृत अभिजात शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें
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