मुस्लिम लीग उपाध्यक्ष बोले- योगी का बयान 'पुराना एजेंडा':सड़क पर नमाज पर टिप्पणी की, आलोचना के बाद एफआईआर, जमानत मिली


संभल में मुस्लिम लीग की एक बैठक के दौरान पार्टी उपाध्यक्ष मोहम्मद कौसर हयात खान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस के साथ गठबंधन की पुष्टि की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों की आलोचना की, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत मिली। केरल में कांग्रेस की जीत पर कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न भी मनाया। बुधवार शाम 6 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला नल स्थित मुस्लिम लीग कार्यालय पर कौसर हयात खान का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों में मुस्लिम लीग कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में इस पर चर्चा होगी। खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज अदा न करने संबंधी बयान को उनका ‘पुराना एजेंडा’ बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में उन्होंने पिछले साल भी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कांग्रेस के रुख का समर्थन किया। कौसर हयात खान ने मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर भी आपत्ति जताई, जिसे उन्होंने एक मुख्यमंत्री के पद के अनुरूप नहीं बताया। इस आलोचना के परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ 6 मई को एफआईआर दर्ज की गई, उन्हें गिरफ्तार किया गया और 8 मई को उन्हें जमानत मिली। मुस्लिम लीग उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का संघर्ष लगातार जारी है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना कांग्रेस से की, जो कभी पूरे देश में सत्ता में थी, लेकिन अब विपक्ष में है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी इन बदलते हालात से जूझ रही है और लगातार संघर्ष कर रही है। खान ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग ‘नफरत का शिकार’ हो रहे हैं, और इस स्थिति का मुकाबला करने में न केवल मुस्लिम लीग बल्कि अन्य दल भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। मुस्लिम लीग के उपाध्यक्ष मोहम्मद कौसर हयात खान ने बताया कि पार्टी ने केरल और तमिलनाडु में जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में पार्टी सरकार का हिस्सा है, जिससे कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी के संगठनात्मक दौरे जारी हैं। इस चुनौती का सामना कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसी अन्य पार्टियां भी कर रही हैं, जो इसी वजह से सत्ता से बाहर हो गई हैं और नीचे की ओर जा रही हैं। समाज में एक खास तबके द्वारा फैलाई जा रही इस तरह की नफरत का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं हो पा रहा है।

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