![]()
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने का नहीं, बल्कि उम्र और पहचान छिपाकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का है। घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के डीएवी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र की है। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी गजेंद्र पुत्र त्रिलोक चंद शर्मा (निवासी जटपुरा, थाना सलेमपुर, जनपद बुलंदशहर) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद केंद्र प्रभारी, संस्था प्रतिनिधि और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उसका सत्यापन किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गजेंद्र ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए अपना नाम बदलकर हाईस्कूल प्रमाणपत्र दोबारा बनवाया था। उसने अपने आधार कार्ड और जन्मतिथि में भी बदलाव कराया था, ताकि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की पात्रता शर्तों को पूरा कर सके। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसकी पहचान उजागर हो गई और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। शुरुआत में उसने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने पूरा सच स्वीकार कर लिया। फर्जी दस्तावेजों का खुलासा होने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक अरुण कुमार की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा या जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने जानकारी दी कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी ने दस्तावेजों में बदलाव कैसे कराया और क्या इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
Source link
मुजफ्फरनगर पुलिस भर्ती परीक्षा में 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार:DAV कॉलेज में सत्यापन के दौरान पकड़ा गया, फर्जी दस्तावेज से उम्र बदली