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मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने शनिवार शाम निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कई भवनों में पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। मौके पर काम की धीमी रफ्तार और कई जगह अधूरे कार्य मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों ने कुलपति को 15 अक्टूबर तक भवन तैयार कर विश्वविद्यालय को सौंपने का भरोसा दिया। हालांकि, मौके पर निर्माण कार्यों की स्थिति देखकर तय समय में काम पूरा होना मुश्किल नजर आया। कई स्थानों पर निर्माण, बिजली, फर्नीचर और फिनिशिंग से जुड़े कार्य अधूरे मिले। प्रशासनिक भवन में शीशे से लेकर फर्नीचर तक काम बाकी कुलपति ने प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया तो वहां शीशे, बिजली, सफाई और फर्नीचर का काम अधूरा मिला। कुछ स्थानों पर टाइलें भी टूटी हुई मिलीं। उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने और निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। शैक्षिक भवन में क्लासरूम और प्रयोगशाला का काम अधूरा शैक्षिक भवन के निरीक्षण के दौरान तीन क्लासरूम में ही फर्नीचर लगा मिला, जबकि अन्य कमरों में फर्नीचर का काम बाकी था। स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशाला से जुड़े कार्य भी अधूरे मिले। कुलपति ने निर्माण की मौजूदा स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली और कार्य की गति बढ़ाने को कहा। 15 अक्टूबर की समयसीमा, कुलपति ने गुणवत्ता पर दिया जोर निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने 15 अक्टूबर तक भवन सौंपने की बात कही। इस पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। काम की धीमी गति पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान कुलपति ने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विश्वविद्यालय के भवन समय से तैयार होकर उपयोग में लाए जा सकें। साथ ही अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा।
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मिर्जापुर में विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों में मिलीं कमियां:कुलपति ने धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अक्टूबर तक हैंडओवर का दावा