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मिर्जापुर में दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पति, सास-ससुर और देवर सहित चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 12 साल बाद आया है। अदालत ने दोषियों पर कुल 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 नवंबर 2014 का है। चुनार थाना क्षेत्र के मड़ई मड़फा निवासी ओम प्रकाश ने अपनी बहन की दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली देहात थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों को प्रस्तुत कर सशक्त पैरवी की। अभियोजन अधिकारी उदय प्रताप सिंह, विवेचक सर्वजीत साही, कोर्ट मुहर्रिर उपनिरीक्षक राजेश कुमार तिवारी, आरक्षी विनोद कुमार गोस्वामी और पैरोकार आरक्षी धीरज कुमार ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ऋचा जोशी की अदालत ने आरोपी दिनेश, नारायण, धनपत्ती और सुरेश (निवासी बरकछा, थाना कोतवाली देहात) को दोषी करार दिया। न्यायालय ने चारों को आजीवन सश्रम कारावास और कुल 32 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
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मिर्जापुर में पति, सास-ससुर, देवर को आजीवन कारावास:महिला की हत्या में 12 साल बाद आया फैसला, 32 हजार का लगा जुर्माना