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मिर्जापुर में सरकारी स्कूल के जेन अल्फा स्टूडेंट्स सोमवार सुबह 10 बजे सड़क पर उतर आए। बारिश के बीच सभी छात्र त्रिपाल डालकर स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए। छात्रों की मांग उठाई कि स्कूल तक आने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। डेढ़ फीट चौड़ी मेड़ से स्कूल आना पड़ता है। जब से स्कूल बना है तब से यही हालात हैं। बच्चे अफसरों को मौके पर बुलाने पर अडे़ हैं। करीब दो घंटे से प्रदर्शन चल रहा है। पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी दूर सीटी ब्लॉक स्थित चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय का है। दो तस्वीरें देखें अब समझिए पूरा मामला छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने सोमवार सुबह स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके साथ सपा नेता रोहित शुक्ल लल्लू भी मौजूद थे। वे स्कूल तक सुरक्षित रास्ता बनाने की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय में करीब 470 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल तक आने-जाने के लिए सही रास्ता नहीं है। बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रास्ते में पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे छोटे बच्चों के फिसलने और गिरने का डर रहता है। कई बार बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर ही स्कूल पहुंचना पड़ता है। अभिभावकों ने बताया कि यह समस्या सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है। स्कूल के शिक्षक और दूसरे कर्मचारी भी इसी खराब रास्ते से होकर आते-जाते हैं। लगातार बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। इससे स्कूल आने-जाने में ज्यादा समय लगता है और अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। अभिभावकों का यह भी कहना है कि रास्ते की समस्या के बारे में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार बताया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी हल नहीं निकला है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा और सुविधाएं देने की बात करती है, पर स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ता तक नहीं है। धरने में शामिल सपा नेता रोहित शुक्ल लल्लू ने कहा कि 470 बच्चों वाले स्कूल तक रास्ते की समस्या गंभीर है। प्रशासन को तुरंत मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए और स्कूल तक पक्का और सुरक्षित रास्ता बनवाना चाहिए। बच्चों और अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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मिर्जापुर में जेन अल्फा स्टूडेंट्स का प्रदर्शन:250 बच्चे सड़क पर उतरे, बोले- डेढ़ फीट की मेड़ से आते हैं, स्कूल के लिए मांगा रास्ता