![]()
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में मीडिया के माध्यम से मेरठ और सहारनपुर में हाल ही में हुई अप्रिय घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन अपने निजी स्वार्थ के लिए पीड़ितों को भड़काने और माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। बसपा प्रमुख ने दोटूक शब्दों में कहा, “दुख की इस घड़ी में सड़कों पर उतरना, चक्काजाम करना और राजनीति करना न्याय का रास्ता नहीं है। इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, बल्कि उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।” ‘मगरमच्छ के आंसू बहाता है विपक्ष’- पीड़ितों को उकसाकर अशांति फैलाना मकसद मायावती ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल और संगठन परेशान लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। वे पहले लोगों को उकसाकर हिंसा और अशांति फैलाते हैं और फिर सहानुभूति बटोरने के लिए वहां पहुंचकर “मगरमच्छ के आंसू” बहाते हैं। अंबेडकर के रास्ते पर चलें, वोट की ताकत पहचानें जनता को सही रास्ता दिखाते हुए बसपा प्रमुख ने अपील की कि वे डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिखाए गए शांतिपूर्ण और संवैधानिक मार्ग का अनुसरण करें। उन्होंने याद दिलाया कि समाज को अपनी एकजुटता और वोट की ताकत के जरिए ही राजनीतिक सत्ता हासिल करनी होगी, तभी स्थायी बदलाव आएगा। आगामी चुनावों को लेकर सतर्क रहने की अपील मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा और अन्य स्थानीय चुनावों का जिक्र करते हुए जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही ऐसे दल और संगठन फिर से सक्रिय हो रहे हैं। लोग इनके बहकावे में न आएं और पूरी तरह सतर्क व सावधान रहें।
Source link
मायावती ने मेरठ-सहारनपुर की घटनाओं की निंदा की:सड़क पर उतरने से नहीं मिलता न्याय, विपक्ष पीड़ितों को भड़काकर सेंक रहा अपनी रोटियां