महिला आयोग सदस्य ने सुनीं 20 शिकायतें:प्रतापगढ़ में घरेलू हिंसा, दहेज समेत कई मामलों पर हुई जनसुनवाई




उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ के विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं और कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं। सुनवाई के दौरान सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर शोषण, मानसिक उत्पीड़न के साथ-साथ पेंशन और आवास योजनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए। कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को महिला उत्पीड़न के मामलों में संवेदनशीलता से कार्रवाई करने के लिए कहा, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
जनसुनवाई में कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, कई मामलों में संबंधित पुलिस थानों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए और अधिकारियों को लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। इस अवसर पर प्रतिभा कुशवाहा ने महिलाओं से उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कानून और महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ खड़ा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के पांच लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पांच लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जहां आवश्यकता हो वहां पिंक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सहायक श्रमायुक्त को ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए दिशा-निर्देश
जनसुनवाई के बाद महिला आयोग की सदस्य ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं की सुरक्षा, समस्याओं के समाधान और कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में आयोजित होने वाले महिला जागरूकता कार्यक्रमों की सूचना अनिवार्य रूप से महिला आयोग को दी जाए, ताकि आयोग भी इन कार्यक्रमों में सहभागिता कर सके।
उन्होंने पिछले तीन महीनों में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की कार्रवाई और निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही शिक्षा विभाग को विद्यालयों में मिड-डे-मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जहां आवश्यकता हो वहां पिंक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सहायक श्रमायुक्त को ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *