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महराजगंज में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और कटान की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने रविवार को निचलौल तहसील क्षेत्र स्थित झुलनीपुर बैराज के पास नारायणी नदी के दाहिने किनारे बने तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंधों की मजबूती, सुरक्षा कार्यों और बाढ़ से बचाव की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नारायणी-छितौनी तटबंध का अवलोकन किया। उन्होंने तटबंध के शीर्ष पर बनी सड़क और दोनों ओर की ढाल की स्थिति पर संतोष जताया। साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तटबंधों पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का स्टॉक उपलब्ध रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मरम्मत का कार्य किया जा सके। उन्होंने रेनकट (कटान) सुदृढ़ीकरण कार्य को और प्रभावी ढंग से कराने के निर्देश भी दिए। 31 गांवों और 70 हजार हेक्टेयर भूमि की होती है सुरक्षा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि नारायणी-छितौनी तटबंध से 31 गांवों की करीब 70 हजार हेक्टेयर भूमि सुरक्षित रहती है। ऐसे में मानसून के दौरान इसकी नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव बेहद जरूरी है। नारायणी पूजा स्थल और वॉटर टूरिज्म विकसित करने की योजना जिलाधिकारी ने स्पर संख्या-1 पर कंक्रीट ब्लॉकों से किए गए लॉन्चिंग एप्रन और स्लोप पिचिंग कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस क्षेत्र को नारायणी पूजा स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही नारायणी नदी में वॉटर टूरिज्म की संभावनाओं को विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा, ताकि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मानसून में सतर्क रहने के निर्देश जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को मानसून के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी कटान या अन्य समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनधन की सुरक्षा बनी रहे। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर अमित सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई राजीव कपिल सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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महराजगंज में डीएम ने नारायणी तटबंधों का किया निरीक्षण:मिट्टी का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश, बाढ़ और कटान से बचाव की तैयारियां परखी