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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज NDA के घटक दलों के साथ बैठक करेंगे। होटल ताज में सुबह 10 बजे होने वाली बैठक में अपना दल (एस), सुभासपा, निषाद पार्टी और रालोद के नेता शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक घटक दलों की ओर से सीटों के बंटवारे का मुद्दा रखा जा सकता है। वहीं भाजपा की ओर से सहयोगी दलों को चुनाव के लिए सक्रिय करने पर चर्चा होगी। नितिन नवीन इससे पहले पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह के गोखले विहार मार्ग स्थित आवास पर जाएंगे। उसके बाद वृंदावन विहार योजना स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पहुंचेंगे। वहां अवध क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। नितिन नवीन लखनऊ प्रवास के अंत में RSS दफ्तर भारती भवन पहुंचकर संघ के पदाधिकारियों से बात करेंगे। इससे पहले शनिवार को उन्होंने पार्टी मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों को किसी भी स्थिति में 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव जीतने का लक्ष्य दिया। कहा- 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। बड़े-बड़े जुलूस से कुछ नहीं होगा। चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाकर बात करनी होगी। उनकी समस्याओं का समाधान कराएंगे, तो जनता का दिल जीत लेंगे। राजनीति में जनता का दिल जीतना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आ रहा है, टीम भावना से चुनाव के लिए काम करना है। आपस में लड़ने की जगह विपक्षी दलों से लड़ना है। अपनी ताकत को विपक्षी पर आजमाएं। नितिन नवीन ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे चाय बेचने वाले के बेटे को देश की जनता ने प्रधानमंत्री बनाया। जिन्होंने कभी उनका मजाक उड़ाया था, आज वे राजनीतिक हाशिए पर हैं। इसलिए अब कोई चाय वाले का मजाक नहीं बनाता। इससे पहले नितिन नवीन ने लखनऊ में रोड शो किया। एयरपोर्ट से भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक 18 किलोमीटर लंबा यह रोड शो सुबह 11:20 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1:55 बजे समाप्त हुआ। एयरपोर्ट से निकलने के बाद वह प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के लिए रवाना हुए। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की। रोड शो के दौरान नितिन नवीन ने समर्थकों का अभिवादन करते हुए तलवार भी लहराई। बड़ी संख्या में बुर्का पहने मुस्लिम महिलाएं और टोपी पहने मुस्लिम पुरुष भी रोड शो में शामिल हुए। वहीं, पादरियों और ननों ने भी उनका स्वागत किया। भाजपा ओबीसी मोर्चा ने उन्हें क्रेन की मदद से 25 फीट की विशालकाय माला पहनाई। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत और रोड शो की तस्वीरें देखिए…
पढ़िए नितिन नवीन की 4 बड़ी बातें 1. राम मंदिर मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा होटल ताज में आयोजित भाजपा के सासंद, विधायक और मंत्रियों की बैठक में नितिन नवीन ने कहा कि जो हुआ, वह गलत हुआ है। इससे जनता में गलत संदेश गया है। यह विपरित परिस्थिति है। विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। विधायक, सांसद और मंत्रियों को इस पचड़े में नहीं पड़ना है। प्रदेश सरकार कार्रवाई कर रही है। दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा। 2. सांसद-विधायकों के ईगो से पार्टी को नुकसान, तालमेल जरूरी विधानसभा चुनाव में नौ महीने का समय बचा है। सांसद और विधायकों से टकराव और ईगो के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान होता है। विधायकों और सांसदों ने जिले जिले में गुट बना रखे हैं, इससे पार्टी का कामकाज प्रभावित होता है। मनमुटाव छोड़कर समन्वय से काम करें। विधानसभा चुनाव में सांसद और विधायकों की 50-50 फीसदी जिम्मेदारी होगी। कार्यकताओं ने तालमेल से काम नहीं किया तो 2009 और 2012 में भाजपा यूपी में हारी थी। कार्यकर्ताओं ने सक्रिय होकर काम किया तो 2014, 2017, 2022 और उसके बाद भी जीते। 3. यूजीसी मुद्दे पर बोले- कार्यकर्ता जातियों में बंट गए यूजीसी के नए नियमों के मुद्दे हमारे ही कार्यकर्ताओं ने सबसे ज्यादा विरोध किया। जैसे ही यूजीसी के नए नियम आए भाजपा कार्यकर्ता पार्टी को छोड़कर ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य और कायस्थ बन गया। यूजीसी में कुछ गलतियां हुई हैं, उसमें सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। बेटे से गलती होती है, अभिभावक सुधार करते हैं, इस मुद्दे पर भी काम हो रहा है। विधायक और सांसद किसी खुद को जाति या धर्म से जोड़कर नहीं देखिए, स्वयं को पहले कार्यकर्ता मानें। 4. दिल्ली-लखनऊ छोड़िए, कार्यकर्ताओं के साथ रहिए विधानसभा चुनाव में आठ-नौ महीने का समय बचा है। विधायक जनता और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर काम करें। विधायक बनने के बाद कार्यकर्ता को भूल जाते हैं। उन्हें पहचानते नहीं हैं, जबकि कार्यकर्ता के दम पर ही चुनाव लड़ते हैं। विधायक गांवों में प्रवास करें, जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान कराएं। दिल्ली लखनऊ छोड़िए, कार्यकर्ताओं के साथ रहिए। विधायक निधि और सांसद निधि का उपयोग ठीक होना चाहिए। कार्यकर्ता को लगना चाहिए कि सरकार अपनी है, विधायक और सांसद अपने हैं।
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भाजपा अध्यक्ष NDA के सहयोगी दलों संग बैठक करेंगे:सीट शेयरिंग पर होगी चर्चा; कार्यकर्ताओं से कहा- आपस में नहीं, विपक्ष से लड़िए