बैंकॉक में बाढ़, सभी 50 जिलों में आपदा घोषित:48 घंटे में 300 मिमी बारिश; स्कूल बंद, अस्थायी शिविर बनाए गए


थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में शनिवार को सभी 50 जिलों में बाढ़ आपदा घोषित की गई। करीब 48 घंटे की भारी बारिश के बाद घरों, दुकानों और सड़कों पर कमर तक पानी भर गया। गुरुवार दोपहर से शनिवार सुबह तक कुछ इलाकों में 300 मिलीमीटर (11.8 इंच) से ज्यादा बारिश हुई। हालात देखते हुए स्कूल बंद किए गए और लोगों के लिए अस्थायी शिविर बनाए गए। प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नविराकुल लंदन का दौरा बीच में छोड़कर बैंकॉक लौट आए। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 980 लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं और 36 बिस्तर पर रहने वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है। बैंकॉक के सभी जिलों में आपदा बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) ने शहर के सभी 50 जिलों में आपदा घोषित की। इससे स्थानीय संस्थाओं को राहत और बचाव के लिए विशेष अधिकार मिल गए हैं। बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने शनिवार दोपहर कहा कि हालात “स्थिर” हो गए हैं। उन्होंने कहा, “अगर इलाके में और बारिश नहीं हुई, तो समस्या हल हो जाएगी।” उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपडेट में कहा, “अगर बारिश रुकती है, तो बाढ़ का पानी निकालने में दो से तीन दिन लगने की उम्मीद है।” नहरों में पानी बढ़ने से घर डूबे गुरुवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश ने बैंकॉक की नहरों में पानी बढ़ा दिया। इसके बाद गंदा पानी आसपास के घरों, रेस्तरां, दुकानों और गलियों में घुस गया। चाडचार्ट ने कहा, “हमारी समस्या यह है कि नहरें भर चुकी हैं।” उन्होंने बताया कि प्रशासन आसपास के प्रांतों के साथ मिलकर पानी को दूसरे रास्तों से निकालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम बैंकॉक में आने वाले पानी की मात्रा कम करने की कोशिश कर रहे हैं।” बैंकॉक को कभी “पूर्व का वेनिस” कहा जाता था। यह शहर पहले दलदली जमीन पर बसा है और समुद्र तल से करीब 1.5 मीटर (5 फीट) ऊपर है। BMA ने बताया कि शहर के पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। ये स्टेशन मिलकर प्रति सेकंड करीब 1,200 घन मीटर पानी निकाल रहे हैं। लोग कमर और घुटनों तक पानी में फंसे AFP के पत्रकारों ने पूर्वी बैंकॉक के कई जिलों में लोगों को गहरे पानी से गुजरते और मोटरसाइकिल धकेलते देखा। एक मुख्य सड़क पर खड़ी कारें भी आंशिक रूप से पानी में डूबी थीं। बांग बुआ जिले में एक महिला अपनी दुकान का सामान बचाने की कोशिश कर रही थी। उस समय पानी उसकी जांघों तक पहुंच गया था। सेंट्रल बैंकॉक के उत्तर में नहर के पास रहने वाली 67 वर्षीय दुकानदार सोमकिड फ्यूक-न्गाम ने कहा, “पानी लगातार अंदर आ रहा है। अब बाहर निकलना मुश्किल है। पानी मेरी कमर तक पहुंच गया है।” उन्होंने कहा, “मैं कहीं नहीं जा सकती। दो दिन से अपनी दुकान बंद रखी है।” पूर्वी बैंकॉक के सुवान लुआंग जिले में रहने वाले 36 वर्षीय ऑफिस कर्मचारी खेम अमनुइलाफ ने बताया कि उनके इलाके में पानी घुटनों से ऊपर है। उन्होंने कहा, “मेरा घर नया है, इसलिए उसे ऊंचा बनाया गया था। लेकिन पास के कुछ पुराने घरों में पानी भर चुका है।” खेम ने कहा, “मेरे पास दो-तीन दिन का खाना है। बाद में खाने के लिए मुझे बाढ़ के पानी से होकर जाना पड़ सकता है।” उन्होंने यह भी कहा, “मुझे नहीं पता कि सोमवार को काम पर कैसे पहुंचूंगा।” दुकानों में जरूरी सामान कम पड़ा कुछ सुविधा स्टोरों में दोपहर तक सामान की अलमारियां खाली हो गईं। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे थे। चाडचार्ट ने बताया कि कम से कम 13 प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं। हालांकि, उन्होंने लोगों से खाने की कमी को लेकर चिंता नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा, “लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।” शहर ने 10 लाख रेत की बोरियां भी तैयार की हैं। बैंकॉक प्रशासन ने सोमवार को स्कूल बंद रखने की घोषणा की है। कुछ अधिकारियों को घर से काम करने को भी कहा गया है। सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश बैंकॉक के ड्रेनेज और सीवरेज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। 1 से 25 सितंबर के बीच राजधानी में 487 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 1991 से 2020 के बीच इसी अवधि का औसत करीब 269 मिलीमीटर था। बैंकॉक में बारिश का मौसम सितंबर में अपने चरम पर होता है। हालांकि, कई लोगों ने कहा कि इस बार हालात सामान्य से ज्यादा खराब हैं। 63 वर्षीय निवासी अनुटिन मीचामनान ने कहा, “मैं यहां कई वर्षों से रह रहा हूं, लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा। कई दिनों तक लगातार बारिश होती रही।” थाईलैंड के 21 प्रांतों में भी बाढ़ थाईलैंड के आपदा रोकथाम और राहत विभाग के मुताबिक, शनिवार को देश के 21 प्रांतों में भी बाढ़ की खबर मिली। रविवार को और बारिश होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवाश्म ईंधन से होने वाले उत्सर्जन के कारण धरती गर्म हो रही है। इससे अत्यधिक मौसम की घटनाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ेगी। 2011 में दक्षिण-पूर्व एशियाई देश थाईलैंड में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान लाखों घरों को नुकसान पहुंचा था।

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