बेटे की गवाही पर मां के हत्यारे पिता को उम्रकैद:3 साल पुराने मामले में फैसला, कोर्ट ने एक लाख रुपए जुर्माना लगाया


औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र में करीब तीन साल पहले हुए पत्नी हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दोषी सरमन सिंह पर एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम कखावतू कांशीराम कॉलोनी निवासी संतोष बाबू ने 10 मार्च 2023 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी सरिता देवी की शादी 20 अप्रैल 2012 को आगरा जिले के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम टिरावली निवासी सरमन सिंह से हुई थी। घरेलू विवाद के चलते सरिता मायके आकर तीन बच्चों के साथ अलग रह रही थी। चार मार्च 2023 को सरमन उसके पास रहने आया और नौ मार्च को विवाद के दौरान उसकी हत्या कर दी। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने सरमन सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने मृतका के 10 वर्षीय बेटे आयुष की गवाही कराने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आयुष ने अदालत को बताया कि उसका पिता शराब पीकर घर आया था और उसकी मां के साथ मारपीट की। उसने मां का सिर कई बार दीवार से पटका, जिससे उनकी मौत हो गई। बच्चे ने बताया कि घटना देखने के बाद वह अपने भाई-बहनों के साथ रोते हुए नाना-नानी के पास चला गया। पोस्टमार्टम में मृतका के शरीर पर 10 चोटों के निशान मिले थे। बेटे की प्रत्यक्षदर्शी गवाही और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सरमन सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जमा किए गए अर्थदंड की आधी राशि मृतका के आश्रितों को दी जाए। सजा के बाद दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।

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