बी-पैक्स कर्मचारियों ने वेतन के लिए सौंपा ज्ञापन:अंबेडकरनगर के कर्मचारियों ने हरिओम पांडे को दिया ज्ञापन


अंबेडकरनगर में बी-पैक्स समितियों में कार्यरत कर्मचारियों ने समय से वेतन और राजकीय सहायता से वेतन भुगतान की मांग को लेकर शनिवार को विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर को प्रदेशभर के कर्मचारी लखनऊ में जुटकर आंदोलन करेंगे। साधन समिति सचिव परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ल और संरक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बी-पैक्स के कैडर सचिव, नॉन कैडर सचिव, प्रभारी सचिव, आंकिक, लिपिक, विक्रेता, सहयोगी और चौकीदार ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल रहा है। शादी-विवाह जैसे जरूरी खर्च कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन लंबित होने के कारण परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और शादी-विवाह जैसे जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन उनका बकाया वेतन अब तक नहीं मिल पाया है। परिषद ने प्रदेश की सभी बी-पैक्स समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को राजकोषीय सहायता से वर्तमान वेतनमान के अनुसार वेतन और अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दिए जाने की मांग की है। कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। लखनऊ में क्रमिक प्रदर्शन की चेतावनी 22 सितंबर से 5 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध और 7 अक्टूबर को लखनऊ में आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पर प्रदेशव्यापी जुटान का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके बाद पाक्षिक रूप से लखनऊ में क्रमिक प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। जिला मीडिया प्रभारी नीरज त्रिपाठी ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 1 से 5 नवंबर तक कर्मचारी समिति के कार्य से विरत रहेंगे। इसके बाद पूर्ण हड़ताल, तालाबंदी और सामूहिक त्यागपत्र जैसे कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव सहकारिता, सहकारिता मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। इस दौरान बागीश पांडे, सुरेंद्र तिवारी, अनुराग तिवारी, कुलदीप तिवारी, जसवंत यादव, अनिल सिंह, महेंद्र सिंह, अंकुर वर्मा और सुरेंद्र वर्मा समेत करीब दो दर्जन सचिव मौजूद रहे।

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