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बांदा में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बिना अनुमति बढ़ाए जाने का विरोध किया गया। सद्भावना विकास मंच ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने ज्ञापन देते हुए आरोप लगाया कि विभाग ने प्रदेश के लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड स्वतः बढ़ा दिया है। इस कदम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, क्योंकि उनके फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी हुई है और मासिक बिजली बिल भी पहले से अधिक आ रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बिजली विभाग ने तर्क दिया था कि कई उपभोक्ता निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का उपयोग कर रहे थे। हालांकि, सद्भावना विकास मंच का कहना है कि बिना पूर्व सूचना और उपभोक्ताओं की सहमति के लोड बढ़ाना नियमों के विपरीत है। संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि बढ़े हुए लोड के कारण बड़ी संख्या में गरीब उपभोक्ता बिजली सब्सिडी की पात्रता से बाहर हो गए हैं। इससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सद्भावना विकास मंच ने विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी उपभोक्ता का स्वीकृत लोड बढ़ाने से पहले उसे नोटिस देना अनिवार्य है। इसके बावजूद, विभाग ने सीधे बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोड अपडेट कर दिया। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बिना अनुमति बढ़ाया गया बिजली लोड तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए और सभी तकनीकी खामियों को दूर करते हुए आम जनता को 24 घंटे निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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बांदा में बिना अनुमति बिजली लोड बढ़ाने का विरोध:मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग