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बलिया में 10 सितंबर को पड़ोसियों के हमले में मारे गए CRPF के पूर्व जवान अमरेश बहादुर सिंह के परिवार ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की मांग की है। अमरेश बहादुर के 10 वर्षीय भतीजे रुद्र प्रताप सिंह ने रोते हुए कहा कि उन्हें किसी से कुछ नहीं चाहिए, बस उनके पापा को न्याय चाहिए। रुद्र ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में उन्हें अपने बड़े पापा का अंतिम संस्कार करना पड़ा, जबकि इस उम्र में उन्हें पढ़ाई-लिखाई करनी चाहिए। अपने बड़े पापा अमरेश बहादुर सिंह को मुखाग्नि देने वाले रुद्र प्रताप ने कहा, “हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए, बस हमें योगी आदित्यनाथ से मिलना है। हमारे पापा को न्याय चाहिए, हमें न्याय दिलवाना है अपने पापा को।” रुद्र ने कहा कि उसे भरोसा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें न्याय दिलाएंगे। यह कहते-कहते रुद्र रोने लगा। छोटे भाई ने कहा- पिता ही हत्या के गवाह, फिर हमला होने का डर रुद्र के 9 वर्षीय छोटे भाई ध्रुव प्रताप ने अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उसने कहा कि उसके पिता मंजेश सिंह अभी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि वह अमरेश बहादुर की हत्या के मामले में गवाह हैं। ध्रुव ने कहा कि अगर उसके पिता को कुछ हो गया तो परिवार के सामने मुश्किल खड़ी हो जाएगी। मंजेश सिंह पर भी हमले के दौरान चाकू से वार किया गया था। वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। बेटी बोली- ‘बस योगी जी से मिलवाया जाए’ मृतक अमरेश बहादुर सिंह की बेटी रितिका सिंह ने भी मुख्यमंत्री से मिलने की मांग की। रितिका ने कहा कि उसके सिर से पिता का साया उठ गया है और उसे अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। रितिका ने कहा कि अब वह प्रशासन, नेता या विधायक के आश्वासन पर भरोसा नहीं करना चाहती। उसके मुताबिक, घटना के बाद परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उसे लगता है कि अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पहले आरोपियों पर कार्रवाई और CM से मुलाकात का मिला था आश्वासन अमरेश बहादुर सिंह की 10 सितंबर की रात पड़ोसियों ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी। भाई को बचाने पहुंचे मंजेश सिंह पर भी चाकू से हमला किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिजन आरोपियों के घर बुलडोजर से गिराने और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह समेत अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। बाद में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से फोन पर परिजनों की बात कराई गई। मंत्री की ओर से कार्रवाई का आश्वासन और परिवार को मुख्यमंत्री से मिलवाने का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने शीला, सूरज और खुशी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मुख्य आरोपी रामकरण सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहीं, आरोपी गिरीश चंद सिंह अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
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‘बस हमारे पापा को न्याय चाहिए':हमें योगी जी से मिलना है, बड़े पापा को मुखाग्नि देने वाले 10 साल के रुद्र ने रोते हुए लगाई गुहार