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बलरामपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान शुरू किया है। परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और पेट्रोल पंपों पर सघन चेकिंग कर रही है। यह अभियान उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे दोपहिया वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें अवैध या तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर यान अधिनियम के तहत ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। ऑटो पार्ट्स की दुकानों और वर्कशॉप्स पर भी छापेमारी की जा रही है, ताकि अवैध साइलेंसर बेचने और लगाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।वीर विनय चौराहे सहित शहर के कई क्षेत्रों में रात के समय भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान तेज आवाज वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) बृजेश और यातायात प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह ने किया। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग और ‘बुलेट की पटाखेबाजी’ महंगा पड़ेगा।
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बलरामपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती:₹10,000 तक जुर्माना, रात में भी पुलिस ने की चेकिंग