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प्रयागराज में बिशप समेत चार लोगों पर गैंगरेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला प्रिंसिपल को जान से मारने की धमकी मिली है। कहा गया है कि बयान बदलो और मुकदमा वापस लो वरना जान से जाओगी। पूरे परिवार तक को खत्म करने को धमकाया गया है। फिलहाल महिला प्रिंसिपल की तहरीर पर चारों आरोपियों पर कर्नलगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला प्रिंसिपल ने पुलिस को बताया, मैंने बिशप मारिस एडगर दान राकेश, चत्री व एलन दान और अपने पूर्व पति विशाल नोबेल सिंह पर गैंगरेप समेत अन्य आरोपों में 19 मई को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही यह सभी मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बार बार कहा जा रहा है कि अपना बयान बदल दो और मुकदमा वापस ले लो नहीं तो अंजाम बुरा होगा। दो अलग-अलग नंबरों से धमकाया गया 26 मई को दो अलग-अलग अज्ञात नंबरों से मेरी मां को कॉल कर धमकी दी गई। इससे मैं और मेरा पूरा परिवार डरा हुआ है। यह लोग खुल्लम खुल्ला घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि कोई साक्ष्य नहीं मिलेगा क्योकि समय बीतता जा रहा है। पुलिस के बड़े अफसर का नाम ले रहे आरोपी बिशप हाउस में मौजूद डीवीआर भी आज तक कब्जे में नही लिया गया है। आरोपी पुलिस के एक बड़े अफसर का नाम लेकर यह भी कह रहे हैं कि वह उनके साथ हैं। यह लोग मुझे सोसल मीडिया व अन्य माध्यमों से बदनाम भी कर रहे हैं। अगर इन्हें गिरफ्तार नही किया गया तो मेरी व मेरे परिवार की हत्या किसी भी समय हो सकती है। कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि इस मामले में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और कोर्ट में बयान दर्ज कराया जा चुका है। हालांकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह यादव का कहना है कि विवेचना चल रही है और जो साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
कटरा स्थित एक स्कूल की प्रिंसिपल ने 23 मई को कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस के बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान, संस्था के सचिव राकेश चत्री और उसके पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह ने मिलकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
पीड़िता का आरोप है कि संस्था के पदाधिकारियों ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। विरोध करने पर गालियां दी गईं और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला का कहना है कि तलाकशुदा होने का फायदा उठाकर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। पहले से भी विवादों में रहे हैं बिशप
मामले के सामने आने के बाद यह जानकारी भी चर्चा में है कि मुख्य आरोपी बिशप मॉरिस एडगर दान के खिलाफ पहले से भी विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वर्तमान मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर की जा रही है। क्या है लखनऊ डायसिस?
लखनऊ डायसिस चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का एक प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र है, जिसका मुख्यालय प्रयागराज में स्थित है। इसके अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले आते हैं। डायसिस के अधीन चर्चों के संचालन के साथ-साथ अनेक स्कूल और शैक्षणिक संस्थान भी संचालित किए जाते हैं।
पुलिस का कहना है
एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। पीड़िता का बयान दर्ज कराया जा चुका है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब जानिए कौन है मॉरिस एडगर दान मॉरिस एडगर दान वर्तमान में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस के बिशप (पादरी) हैं। डायसिस ऑफ लखनऊ चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का एक प्रशासनिक क्षेत्र है। “डायोसिस” का मतलब होता है चर्च का वह क्षेत्र, जिसकी देख-रेख एक बिशप करता है। इसका नाम “लखनऊ डायोसिस” है, लेकिन मुख्यालय प्रयागराज में है। इसका प्रमुख कैथेड्रल ऑल सेंट्स कैथेड्रल है, जो सिविल लाइंस में है। लखनऊ डायोसिस की स्थापना 1893 में हुई थी। इसका क्षेत्र मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश को कवर करता है। इसमें प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, मिर्जापुर और लखनऊ जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अब पढ़िए पूरा मामला महिला मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। करीब 15 साल पहले वह प्रयागराज आईं। यहां कटरा के एक स्कूल उन्हें हेडमिस्ट्रेस बनाया गया। तब से वह यहीं काम कर रही हैं। यह स्कूल चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायसिस बिशप के अंतर्गत आता है। महिला ने 2 साल पहले अपने पति से तलाक ले लिया था। प्रिंसिपल ने अपने बयान में बताया, मैं तलाकशुदा महिला हूं। डायसिसयन एजुकेशन बोर्ड (DEB) की ओर से चल रहे एक स्कूल में प्रिंसिपल हूं। संस्था के सचिव राकेश चत्री, चेयरमैन मॉरिस एडगर दान और उनका बेटा एलन दान मुझे एक साल से लगातार परेशान कर रहे हैं। वे लोग मेरे तलाकशुदा होने का नाजायज फायदा उठाकर मुझे अपने ऑफिसों में बुलाकर गंदी नीयत से छूते हैं और गंदा काम करते हैं। धमकी देते हैं कि अगर तुम मेरी बात नहीं मानोगी और ये बात किसी को बताओगी, तो तुम्हें नौकरी से निकाल देंगे। मुझसे कहते हैं कि अधिकारियों को संतुष्ट करो नौकरी जाने के डर से मैंने इनकी हरकतों के बारे में किसी को नहीं बताया। इन लोगों ने यह भी कहा कि तुम मेरे ऊपर के अधिकारियों को संतुष्ट करो। 7 मई को मॉरिस एडगर दान ने फोन करके मुझे सेक्रेटरी राकेश चत्री के घर जाने के लिए कहा। मैंने मना किया तो गालियां देते हुए मेरे पूरे परिवार को जान से मारने और मुझे नौकरी से निकालने की धमकी दी। तीनों लोग लगातार मेरे साथ गंदा काम करते रहते हैं। मेरे मना करने पर एक पूर्व प्रिंसिपल का नाम लेकर कहा कि जैसा कह रहा हूं, वैसा करती जाओ। नहीं तो उसके जैसा ही तुम्हारा भी हाल होगा। बोलीं- मेरा पूर्व पति भी उनका सहयोग करता है प्रिंसिपल ने कहा- अब इन तीनों लोगों का अत्याचार और नहीं सहा जा रहा। तीनों लोगों ने मेरा शोषण किया है। ये लोग मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। इस घटना का सभी सबूत मेरे पास मौजूद हैं। मेरे साथ जो भी गंदा काम हुआ, उसके बारे में मेरे पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह को भी पता है। उसने भी इन लोगों का साथ दिया है।
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बयान बदलो, केस वापस लो वरना जान से जाओगी:प्रयागराज में गैंगरेप का केस लिखाने वाली महिला प्रिंसिपल को धमकी