![]()
बदायूं में गंगा नदी की बाढ़ ने उसावां क्षेत्र के कदम नगला गांव का अस्तित्व लगभग समाप्त कर दिया है। पूरा गांव बाढ़ के पानी में कटान का शिकार हो गया है, जिससे लगभग 25 घर पानी में समा गए हैं। अपने घर और जमीन गंवाने के बाद, ये 25 परिवार अब सड़क किनारे पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर कर रहे इन परिवारों के सामने भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी लगातार गांव की जमीन का कटाव कर रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को अपना सामान समेटकर घर छोड़ने पड़े। अब ये परिवार सड़क किनारे पन्नी और अस्थायी झोपड़ियां बनाकर किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। रात के समय सांप और अन्य जहरीले कीड़े-मकौड़ों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच, बुधवार रात को भी कछला में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहती रही। गंगा का जलस्तर 162.46 मीटर गेज दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 162.40 मीटर से छह सेंटीमीटर अधिक है। विभिन्न बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है; नरौरा से 1,13,344 क्यूसेक, बिजनौर से 60,508 क्यूसेक और हरिद्वार से 53,704 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ग्रामीणों ने बताया कि कदम नगला गांव पूरी तरह से कटान की चपेट में आ चुका है, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए अभी तक सुरक्षित ठिकाने का कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, पन्नी और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की है।
Source link
बदायूं में गंगा में समाया मकान, VIDEO:25 परिवार बेघर, सड़क किनारे पन्नी डालकर रहने को मजबूर