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इटावा के कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अजय कुमार गौतम ने पर्यावरण संरक्षण, सीवेज प्रबंधन और नदी की साफ-सफाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति और पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक में उन्होंने इन महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद पाए गए। नालों में कूड़ा जमा होने से जल प्रवाह बाधित हो रहा था, जबकि कुछ अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। इन सभी मामलों में सीडीओ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। करनपुरा स्थित झरना नाला से जुड़े 10.44 और 10.45 एमएलडी क्षमता के एसटीपी बंद पाए गए। इसी तरह, टिकसी नाले में अत्यधिक कूड़ा जमा होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित मिला। सीडीओ ने नगर निगम को तत्काल नालों की सफाई कराने और संबंधित विभाग को बंद पड़े एसटीपी को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना अनुमति ऑपरेटर बदलने पर भी रोक लगाई। मौजा उमरैना में 13.5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी भी खराब हालत में पाया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद संयंत्र का सही संचालन न होना गंभीर लापरवाही है और इसे तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए। यमुना नदी किनारे कूड़ा फेंके जाने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी बोर्ड लगाने और जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, ग्राम सुनवारा के पास अवैध खनन की शिकायत पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जब्त करने और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए।
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बंद STP और कूड़ा प्रबंधन पर सीडीओ नाराज:इटावा में पर्यावरण सुधार को लेकर दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई के आदेश