![]()
बागपत में फर्जी रॉयल्टी के माध्यम से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले गिरोह के खिलाफ मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में पुलिस ने इस मामले में वांछित चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी आशुतोष पुत्र सुभाष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशुतोष लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे फर्जी रॉयल्टी बनाने और उसके उपयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा है। यह गिरोह कथित तौर पर फर्जी रॉयल्टी और नकली दस्तावेजों का उपयोग कर खनन सामग्री के परिवहन में सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहा था, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पहले भी कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 17 जून को पुलिस ने तालिब, आरिफ, फिरोज और नईम सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 28 जून को जाहिद उर्फ लाल पुत्र ताहिर को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इन गिरफ्तारियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दोहराया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपी आशुतोष को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
Source link
फर्जी रॉयल्टी मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार:यमुनानगर निवासी आशुतोष को पुलिस ने दबोचा, नेटवर्क की जांच तेज