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प्रयागराज में विकास और स्वच्छता के दावों के बीच मुंडेरा की तस्वीर सिस्टम की पोल खोल रही है। यहां पिछले एक सप्ताह से सड़कें और घर करीब तीन फीट गंदे पानी में डूबे हैं। यहां रहने वाली हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुशीला सिंह के घर में सीवर का पानी पहुंच रहा है। उनका कहना है कि मुख्य दरवाजे पर चार फीट ऊंची दीवार बनवाई, लेकिन फिर भी गंदा पानी अंदर आ गया। घर के अंदर तक पानी पहुंच रहा है। ग्राउंड फ्लोर के किराएदार मकान छोड़कर जा चुके हैं। एक हफ्ते से घर में घुस रहा गंदा पानी सुशीला सिंह पिछले करीब 30 वर्षों से मुंडेरा में रह रही हैं। उनका आरोप है कि बारिश के बाद सीवर सिस्टम पूरी तरह चोक हो गया। सड़क पर करीब तीन फीट पानी जमा है। यही गंदा पानी घर के अंदर तक पहुंच रहा है। उनके मुताबिक, सीवर की समय से सफाई नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ती गई। अब घर की नींव पर भी खतरा मंडरा रहा है। परिवार को डर है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मकान कमजोर हो सकता है। ‘पतली पाइप ने बढ़ाई समस्या’ अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले नगर निगम ने सीवर की सफाई नहीं कराई। उन्होंने सीवर लाइन में इस्तेमाल होने वाली पाइप की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पहले सीवर लाइनों में मोटी सीमेंट की पाइप इस्तेमाल होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई जगह पतली प्लास्टिक पाइप डाल दी गईं। कचरा आते ही लाइन चोक हो जाती है। मुंडेरा में जलभराव की मुख्य वजह भी यही है। हालांकि, पाइप की गुणवत्ता और सीवर चोक होने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किराएदार घर छोड़कर गए, सामान भीगा लगातार जलभराव के कारण ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले किराएदार मकान छोड़कर जा चुके हैं। उनका सामान गंदे पानी में डूबकर खराब हो गया। घर में रखा राशन भी पानी से भीग गया है। सुशीला सिंह के मुताबिक, टुल्लू पंप और सबमर्सिबल भी खराब हो गए हैं। घर में पीने के साफ पानी और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। सीवर का पानी भरने से शौचालय भी जाम हो गए हैं। इससे परिवार के सामने रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों का संकट पैदा हो गया है। ‘टैक्स लेने पहुंचते हैं, मदद के लिए नहीं’ सुशीला सिंह का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय पार्षद और नगर निगम के जेई समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार फोन किया। इसके बावजूद एक सप्ताह में कोई मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि नगर निगम और पीडीए हाउस टैक्स समेत दूसरी वसूली के लिए तुरंत पहुंच जाते हैं, लेकिन संकट के समय जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में भी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी है। सीवर सफाई और अवैध निर्माण की जांच की मांग पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने जलभराव से तत्काल राहत की मांग की है। उनका कहना है कि सीवर की युद्धस्तर पर सफाई कराकर पानी निकाला जाए। इसके साथ ही सीवर नेटवर्क के चोक होने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर नालों और नालियों पर अवैध निर्माण के कारण जलनिकासी प्रभावित हुई है। ऐसे निर्माणों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल मुंडेरा में एक सप्ताह से जमा गंदा पानी स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। अब देखना है कि नगर निगम जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करता है या पानी उतरने के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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प्रयागराज में 3 फीट गंदे पानी में घर-सड़कें डूबे:हाईकोर्ट अधिवक्ता बोलीं- किराएदार मकान छोड़कर चले गए, एक हफ्ते से हालात बदतर हैं